
भ्रष्टाचार प्रदेश में किसी एक दो विभाग में नहीं बल्कि पूरे कुंए में ही भांग पड़ी हुई है। डूंगरपुर में थाना पुलिस शराब कारोबारियों और अवैध शराब बेचने वालों से जमकर चांदी कूट रही है। 17 दिन से डूंगरपुर में डेरा डाले एसीबी टीम के एक भ्रष्टाचार सत्यापन के मामले में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है।
एसीबी के सत्यापन में परिवादी ने पिछली रिश्वत याद दिलाई तो कांस्टेबल बोला...18 में से 3 लाख रुपए तो ‘बड़े साहब’ को दे दिए थे। यह बड़े साहब से मतलब राजस्थान पुलिस के आलाअधिकारियों से हैं। अब सवाल यह है कि यह आलाअधिकारी कौन है जो इस खेल में शामिल है। राजस्थान पुलिस में इस तरह का खेल देखा जा चुका है जिसमें बड़े अधिकारी शामिल रह चुके है। राजस्थान एसीबी ने उन्हें लपेटे में भी लिया था।
15 लाख का बंटवारा
घूस लेने का सत्यापन के दौरान परिवादी ठेकेदारों ने जब कांस्टेबल भोपाल सिंह को दो माह पहले 18 लाख रुपए देने की बात कही, तब कांस्टेबल भोपाल सिंह बोला कि हमारे एक बड़े साहब को पता चल गया, तब 18 लाख में से 3 लाख रुपए उनको देने पड़े। शेष राशि का बंटवारा कर लिया।
अब रडार पर बड़े साहब
हालांकि एसीबी के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है। लेकिन मामला बड़े साहब से जुड़ा होने पर अभी खुलकर बोलने से बच रहे हैं। एसीबी अगर इस बातचीत को अपने रिकॉर्ड पर लेती है तो इन बड़े साहब के नाम का खुलासा होगा।
तो होगी कार्रवाई
डूंगरपुर में बड़े साहब को रिश्वत देने का तथ्य सामने आता है और एसीबी से कोई सूचना मिलती है तो इसकी जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी। -हिंगलाजदान, आइजी उदयपुर रेंज