जयपुर

Weather Update : पूर्वी राजस्थान में लो-प्रेशर सिस्टम से बदल सकता है मौसम, 3-4 सितंबर को बारिश होने की संभावना

Weather Update : मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी भारत के ऊपर वेल मार्क लो प्रेशर एरिया बना हुआ है। इसके प्रभाव से पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों में 3-4 सितंबर से एक नए बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।
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Rajasthan Weather Update : फाइल फोटो पत्रिका

Weather Update : राजस्थान में सितंबर की शुरुआत तेज बारिश के साथ होने जा रही है। मौसम विभाग के नई भविष्याणी के अनुसार भरतपुर व जयपुर संभाग के कुछ भागों में 2-3 सितंबर से बारिश का एक नया दौर शुरू होने की संभावना है। 4 सितंबर से 7 सितंबर के दौरान भरतपुर, कोटा, जयपुर, अजमेर व उदयपुर संभाग में मेघगर्जन के साथ बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने तथा कहीं-कहीं हल्की मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कोटा संभाग व आस-पास के जिलों में कहीं-कहीं मध्यम से तेज/भारी बारिश होने की संभावना है।

यहां कमजोर मानसून परिस्थितियां जारी रहने की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर संभाग के अधिकांश भागों में आगामी दिनों में कमजोर मानसून परिस्थितियां जारी रहने की संभावना है। हालांकि, 4 से 6 सितंबर के दौरान बीकानेर संभाग व शेखावाटी क्षेत्र में छुटपुट स्थानों पर हल्की मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर से मिली जानकारी के अनुसार उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और आसपास लगे पश्चिम बंगाल, उड़ीसा तट पर वेल मार्क लो प्रेशर एरिया (WML) अवस्थित है।

श्रीगंगानगर में रहा अधिकतम तापमान

प्रदेश में रविवार को पूरे दिन आसमान साफ रहा और धूप रही। सबसे ज्यादा गर्मी श्रीगंगानगर में रही, जहां का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिलानी (झुंझुनूं), चूरू, फलोदी, बीकानेर और जैसलमेर में भी अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ।

अगस्त में मानसून की बारिश ने किया मायूस

इस बार अगस्त माह में मानसून की बारिश ने सबको मायूस किया है। इस अगस्त में 60 बांध भी पानी से लबालब भर नहीं सकें हैं। राजस्थान में मानसून सीजन को 3 महीने बीत चुके हैं, अब एक माह शेष है। लेकिन आंकड़ा सामान्य से काफी नीचे है। सिर्फ डीग और फलोदी में ही सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है जबकि बीते साल इस अवधि में 37 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई थी। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि सितम्बर माह में भी मानसून कमजोर रहने से बारिश का कोटा पूरा होना मुश्किल है। वहीं दूसरी तरफ खरीफ की बुवाई के बाद किसानों की चिंता बढ़ गई है। अगस्त की बारिश ने कई जिलों में किसानों को मायूस किया है। पश्चिमी राजस्थान में एक पखवाड़े से बारिश का इंतजार हो रहा है। अब तक खरीफ की बुवाई, लक्ष्य के मुकाबले पूरी नहीं हो सकी है।

Updated on:
31 Aug 2026 08:42 pm
Published on:
31 Aug 2026 08:41 pm