राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में आज एक ऐसा मुद्दा गूंजा जो प्रदेश के हर घर और हर माता-पिता की सबसे बड़ी चिंता बन चुका है। शाहपुरा से कांग्रेस विधायक मनीष यादव ने बच्चों में बढ़ती मोबाइल और सोशल मीडिया की लत को लेकर सदन का ध्यान आकर्षित किया।
जयपुर। डिजिटल युग की चमक-धमक के बीच बच्चों का 'बचपन' कहीं खोता जा रहा है। राजस्थान विधानसभा में शाहपुरा विधायक मनीष यादव ने इस गंभीर विषय को उठाते हुए कहा कि मोबाइल फोन आज शिक्षा का साधन तो है, लेकिन इसका अनियंत्रित उपयोग बच्चों को गैंगस्टर कल्चर और अपराध की ओर धकेल रहा है। उन्होंने सदन से अनुरोध किया कि बच्चों के संस्कारों और भविष्य को बचाने के लिए राजस्थान को 'डिजिटल विनियमन' (Digital Regulation) की दिशा में अग्रणी कदम उठाने चाहिए।
कांग्रेस एमएलए मनीष यादव ने कर्नाटक, गोवा, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन सभी राज्यों की तर्ज पर राजस्थान में भी इस दिशा में सख्त कानून लाने का विचार होना चाहिए।
विधायक मनीष यादव ने सदन में तर्क दिया कि ऑनलाइन कक्षाओं और स्टडी मैटेरियल के लिए मोबाइल जरूरी है, लेकिन इसके दुष्प्रभाव अब फायदे से कहीं अधिक हो गए हैं।
Congress MLA मनीष यादव ने वैश्विक उदाहरण देते हुए बताया कि दुनिया के कई विकसित देश इस खतरे को भांप चुके हैं।
विधायक ने सरकार को सुझाव दिए कि केवल चिंता करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि ठोस नीतिगत प्रावधान करने होंगे: