जयपुर

क्या राजस्थान में लगेगी ‘सोशल मीडिया’ पर पाबंदी? आखिर क्यों हो रही ये गंभीर चर्चा?  

राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में आज एक ऐसा मुद्दा गूंजा जो प्रदेश के हर घर और हर माता-पिता की सबसे बड़ी चिंता बन चुका है। शाहपुरा से कांग्रेस विधायक मनीष यादव ने बच्चों में बढ़ती मोबाइल और सोशल मीडिया की लत को लेकर सदन का ध्यान आकर्षित किया।

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Feb 27, 2026

जयपुर। डिजिटल युग की चमक-धमक के बीच बच्चों का 'बचपन' कहीं खोता जा रहा है। राजस्थान विधानसभा में शाहपुरा विधायक मनीष यादव ने इस गंभीर विषय को उठाते हुए कहा कि मोबाइल फोन आज शिक्षा का साधन तो है, लेकिन इसका अनियंत्रित उपयोग बच्चों को गैंगस्टर कल्चर और अपराध की ओर धकेल रहा है। उन्होंने सदन से अनुरोध किया कि बच्चों के संस्कारों और भविष्य को बचाने के लिए राजस्थान को 'डिजिटल विनियमन' (Digital Regulation) की दिशा में अग्रणी कदम उठाने चाहिए।

कांग्रेस एमएलए मनीष यादव ने कर्नाटक, गोवा, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन सभी राज्यों की तर्ज पर राजस्थान में भी इस दिशा में सख्त कानून लाने का विचार होना चाहिए।

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मोबाइल की लत, शिक्षा के नाम पर 'अपराध का आदर्श'

विधायक मनीष यादव ने सदन में तर्क दिया कि ऑनलाइन कक्षाओं और स्टडी मैटेरियल के लिए मोबाइल जरूरी है, लेकिन इसके दुष्प्रभाव अब फायदे से कहीं अधिक हो गए हैं।

  • गैंगस्टर कल्चर का प्रभाव: सोशल मीडिया पर गैंगस्टर और आपराधिक प्रवृत्तियों के लोगों को बच्चे अपना 'आदर्श' मान रहे हैं। रील्स और अल्गोरिथम के कारण बच्चे हथियारों और हिंसा वाले कंटेंट की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
  • साइबर बुलिंग और अश्लीलता: अवांछित सोशल साइट्स और भ्रामक कंटेंट बच्चों को मानसिक रूप से बीमार बना रहे हैं।

'ऑस्ट्रेलिया मॉडल' की तर्ज पर कानून की मांग

Congress MLA मनीष यादव ने वैश्विक उदाहरण देते हुए बताया कि दुनिया के कई विकसित देश इस खतरे को भांप चुके हैं।

  • ऑस्ट्रेलिया: 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने वाला कानून बनाया गया है।
  • अन्य देश: चीन, फ्रांस, दक्षिण कोरिया, नीदरलैंड और इटली में भी बच्चों के लिए मोबाइल और इंटरनेट के उपयोग पर कड़े नियम हैं।
  • भारतीय राज्यों की स्थिति: कर्नाटक, गोवा, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्य भी इस तरह के कानून पर विचार कर रहे हैं।
Congress MLA Manish Yadav

क्या है समाधान? विधायक का 'प्लान'

विधायक ने सरकार को सुझाव दिए कि केवल चिंता करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि ठोस नीतिगत प्रावधान करने होंगे:

  • आयु आधारित विनियमन: 16 वर्ष से कम आयु के लिए विशेष डिजिटल नियम।
  • ऑटो लॉक व्यवस्था: रात के समय मोबाइल और एप्स के लिए 'रात्रिकालीन ऑटो लॉक' सिस्टम।
  • अनिवार्य पेरेंटल कंट्रोल: सभी सोशल प्लेटफॉर्म पर 'सेफ मोड' और माता-पिता का नियंत्रण अनिवार्य हो।
  • विशेष हेल्पलाइन: डिजिटल लत (Digital Addiction) से जूझ रहे बच्चों और परिवारों के लिए विशेष हेल्पलाइन और अनुसंधान केंद्रों की स्थापना।

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Published on:
27 Feb 2026 01:51 pm
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