Mobility Ecosystem: ऑटोमोबाइल सेक्टर से राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार। मोबिलिटी रिटेल इकोसिस्टम से निवेश और रोजगार के अवसर बढ़े।
Business Rajasthan 2026: जयपुर. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार के दूरदर्शी नीतिगत निर्णयों के चलते राजस्थान निवेशकों और उद्यमियों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनकर उभर रहा है। जयपुर में आयोजित “व्यापार राजस्थान-2026” कार्यक्रम में उन्होंने ऑटोमोबाइल रिटेल सेक्टर को प्रदेश के विकास का महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन बताया। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने डीलर्स से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
राज्य सरकार ने ऑटोमोबाइल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। अब अधिकृत वाहन डीलर्स को जिला परिवहन अधिकारियों की तरह वाहनों के पंजीयन की शक्ति दी गई है, जिससे पूरी प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनी है। वाहन पंजीयन से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन और पेपरलेस कर दी गई हैं। साथ ही, हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की सुविधा भी डीलर स्तर पर उपलब्ध कराई गई है।
इसके अलावा, यूज्ड कार बाजार को व्यवस्थित करने के लिए भी नीति बनाई गई है, जिससे उपभोक्ताओं को धोखाधड़ी से सुरक्षा मिलेगी और राज्य को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। वाहन एवं सारथी पोर्टल पर 58 में से 53 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा चुकी हैं, जो डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में बड़ा कदम है।
मुख्यमंत्री ने “गिविंग व्हील्स टू विकसित राजस्थान” थीम को सार्थक बताते हुए कहा कि राज्य सरकार एक कुशल और प्रभावी मोबिलिटी रिटेल इकोसिस्टम का निर्माण कर रही है। उन्होंने शहरों में ऑटो रिटेल जोन स्थापित करने का सुझाव भी दिया, जिससे यातायात प्रबंधन बेहतर होगा और उपभोक्ताओं को एक ही स्थान पर सभी सेवाएं मिल सकेंगी।
उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि राज्य में कौशल विकास और ऑन-जॉब ट्रेनिंग मॉडल के जरिए युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हो रहे हैं। इससे रोजगार के साथ-साथ उद्योगों को भी कुशल मानव संसाधन मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑटोमोबाइल रिटेल सेक्टर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ है। हजारों डीलर्स प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोगों को रोजगार प्रदान कर रहे हैं। जीएसटी राजस्व में भी इस सेक्टर का बड़ा योगदान है। “राइजिंग राजस्थान” के तहत हुए 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से 9 लाख करोड़ रुपये के निवेश का धरातल पर उतरना प्रदेश की आर्थिक प्रगति का संकेत है।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में राजस्थान विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगा।