
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने बजट आज कई राहतें प्रदान की। बहुमंजिला इमारत में 50 लाख रुपए तक के फ्लैट की खरीद पर दो फीसदी स्टांप ड्यूटी की छूट की घोषणा से मध्यम वर्ग को साधने की कोशिश की है। छोटी प्रोपर्टी की खरीद पर लगने वाली स्टाम्प ड्यूटी को भी कम किया गया है। सौ वर्गगज तक के भूखण्ड या बने हुए मकान की खरीद पर लोगों को स्टाम्प ड्यूटी में एक फीसदी की छूट मिलेगी। साथ ही, अगर आप अपने घर के बुजुर्ग के नाम संपत्ति खरीदते हो तो उस पर भी स्टाम्प ड्यूटी के अलावा रजिस्ट्री फीस में भी राहत मिलेगी।
आनलाइन लाटरी प्रक्रिया
सरकार ने नए औद्योगिक क्षेत्रों में भूखंड के आंवटन को भी आनलाइन लाटरी प्रक्रिया से कर दिया है। एमएसएमई की सीमा 50 लाख से घटाकर 25 लाख की गई है। हर साल 10 की बजाय 5 फीसदी ही डीएलसी रेट बढ़ेगी। सीएम गहलोत ने व्यापारियों को राहत दी है। मंडी शुल्क जमा कराने पर रियायत मिलेगी। रिप्स की अवधि बढ़ाई गई है। जबकि एमेनस्टी स्कीम का समय बढ़ाकर 30 सिंतबर किया गया है।
छूट लाभ अगले साल
गहलोत ने पिछले बजट में 50 लाख रुपए तक के फ्लैट खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी को 6 फीसदी से कम करके 4 फीसदी किया है, इस छूट की अवधि को मार्च 2022 से बढ़ाकर मार्च 2023 करने की घोषणा की है। वर्तमान में इस निर्णय से 50 लाख रुपए की कीमत का फ्लैट खरीदने वालों को 1.30 लाख रुपए का फायदा मिल रहा है।
कॉमर्शियल भूखण्ड पर भी फायदा
पचास वर्गगज तक के कॉमर्शियल भूखण्ड पर स्टाम्प ड्यूटी पर एक फीसदी की छूट देने की घोषणा की है। पैतृक सम्पत्ति जिसकी कीमत 10 लाख रुपए से ज्यादा है उसका हकत्याग करने पर स्टाम्प ड्यूटी 5 हजार रुपए लगती है, जिसे कम करके अब 500 रुपए कर दिया है। सरकार ने अब बेटी-बहू के नाम पर सम्पत्ति की गिफ्ट डीड करने पर लगने वाली स्टाम्प ड्यूटी को खत्म कर दिया है। वर्तमान में इसमें स्टाम्प ड्यूटी 1 फीसदी लगती थी।