जयपुर. पुरातत्व विभाग ने अपनी आय बढ़ाने के लिए 1 जनवरी से जयपुर समेत प्रदेश के सभी जिलों में टिकट दरें दुगनी कर दी हैं। लेकिन महंगे टिकट खरीदने के बावजूद पर्यटकों को प्रदेश की विरासत बदरंग रूप में देखने को मिल रही है। आमेर महल, जो पूरे प्रदेश में टिकट से सर्वाधिक कमाई करता […]
जयपुर. पुरातत्व विभाग ने अपनी आय बढ़ाने के लिए 1 जनवरी से जयपुर समेत प्रदेश के सभी जिलों में टिकट दरें दुगनी कर दी हैं। लेकिन महंगे टिकट खरीदने के बावजूद पर्यटकों को प्रदेश की विरासत बदरंग रूप में देखने को मिल रही है। आमेर महल, जो पूरे प्रदेश में टिकट से सर्वाधिक कमाई करता है, वहां आने वाले पर्यटक मूल स्वरूप की जगह दीवारों पर तीन अलग-अलग रंग देखकर विचलित हो रहे हैं। महल की दीवारें कहीं काली, कहीं सफेद और कहीं पुराने पीले रंग में नजर आती हैं। मुगल गार्डन, सुख मंदिर और मानसिंह महल के रास्तों की दीवारें कहीं पूरी तरह काली पड़ चुकी हैं, कहीं सफेद नजर आती हैं और कहीं पुराने पीले रंग में हैं।
छज्जे और रेलिंग क्षतिग्रस्त
महल में कई दरवाजों के छज्जे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और उनमें दरारें साफ दिखाई देती हैं। अलग-अलग महलों की सीढिय़ों पर लगी पत्थर की रेलिंग भी कई जगह से टूट गई हैं। कई जगह जालियां भी टूटकर गिर रही हैं, जिससे पर्यटकों के चोटिल होने की आशंका बनी रहती है।
रख-रखाव के प्रस्ताव
आमेर महल अधीक्षक राकेश छोलक ने बताया कि आमेर महल विकास प्राधिकरण को महल के सौंदर्यीकरण और रख-रखाव के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं। कुछ कार्य शुरू भी कर दिए गए हैं और कुछ जल्द शुरू किए जाएंगे।
देश-विदेश से पर्यटक आमेर महल का मूल स्वरूप देखने आते हैं। लेकिन उन्हें बदरंग रूप देखने को मिल रहा है। इससे राजस्थान पर्यटन की छवि खराब हो रही है।
मनीष शर्मा, अध्यक्ष, जयपुर-आमेर विरासत फाउंडेशन