Eye Flu Effect: इस बार रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहे आई फ्लू केस के कारण बाजार में आई ड्रॉप की कमी सामने आ रही है। मांग की तुलना में करीब 25 प्रतिशत ड्रॉप्स की कमी सामने आ रही है।
जयपुर @ पत्रिका। Eye Flu Effect: इस बार रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहे आई फ्लू केस के कारण बाजार में आई ड्रॉप की कमी सामने आ रही है। मांग की तुलना में करीब 25 प्रतिशत ड्रॉप्स की कमी सामने आ रही है। शेष 75 को इंतजार करना पड़ रहा है या वे सामान्य आई ड्रॉप से ही काम चला रहे हैं। चिंताजनक यह है कि स्कूलों में भी आई फ्लू तेजी से बढ़ रहा है। जयपुर के नेत्र रोग विशेषज्ञों के पास पिछले 15 दिन में रोजाना 500 से अधिक नए मरीज इससे प्रभावित होकर पहुंच रहे हैं।
यह भी सामने आया कि संक्रमण के बाद मरीज इलाज बीच में ही बंद कर रहे हैं, जिससे संक्रमण ठीक होने में भी समय लग रहा है। कई मरीज ऐसे भी हैं, जिनकी आंख में संक्रमण का असर कम है, लेकिन पूरे चेहरे पर इसके कारण सूजन आ गई है। इस बीच कई मरीज ऐसे भी हैं, जो संक्रमण होने के बाद बिना दवा का इस्तेमाल किए भी ठीक हो रहे हैं।
अपने हिसाब से नहीं करें ड्रॉप्स का यूज
वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. किशोर के अनुसार चिकित्सकीय परामर्श के बाद ही दवा का उपयोग किया जाना चाहिए। संक्रमण होने के बाद उसके स्वत: ठीक होने का इंतजार करने की बजाय उसका तत्काल इलाज शुरू करवाना चाहिए। कई मरीज ऐसे भी हैं जो सीधे मेडिकल स्टोर से दवा खरीदकर उनका इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे उनका मर्ज बढ़ रहा है।
यह रखें ध्यान
● आंखों को मसलें नहीं
● संक्रमण नहीं है तो भी आंखों पर बेवजह हाथ नहीं लगाएं
● हाथों को साफ रखें
● संक्रमित व्यक्ति से मिलने के बाद हाथों को अच्छी तरह से धोएं
● संक्रमित होेने पर आंखों पर बार-बार हाथ लगाकर उन्हें इधर-उधर नहीं लगाएं, इससे संक्रमण के प्रसार का सर्वाधिक खतरा रहता है।