
जयपुर। अंग्रेजी विषय में लगातार तीन बार फेल होने के बावजूद सरकारी स्कूल में अंग्रेजी शिक्षक बनने का मामला सामने आने के बाद बागीदौरा विधायक जयकृष्ण पटेल एक बार फिर चर्चा में हैं। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की जांच में ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने उनकी शैक्षणिक योग्यता और शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि जयकृष्ण पटेल ने स्नातक की पढ़ाई के लिए उदयपुर स्थित मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया था। जांच में सामने आया कि वे अंग्रेजी विषय में तीन बार परीक्षा देने के बावजूद सफल नहीं हो सके। इसके बाद उन्होंने सिक्किम से अंग्रेजी में विशेष योग्यता से संबंधित एक कोर्स किया और उसी के आधार पर अंग्रेजी विषय के सरकारी शिक्षक के रूप में नियुक्ति हासिल कर ली।
एसओजी अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि जिस योग्यता के आधार पर पटेल को अंग्रेजी शिक्षक बनाया गया, उसकी पूरी प्रक्रिया में दस्तावेज और शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों के इस्तेमाल को लेकर गंभीर अनियमितताएं हो सकती हैं। सूत्रों के अनुसार जयकृष्ण पटेल ने बाद में राजनीति में सक्रिय होने और विधानसभा चुनाव लड़ने से पहले फर्जी डिग्री मामले में पकड़े जाने के डर से शिक्षक पद से इस्तीफा दे दिया था।
एसओजी जांच में सामने आया कि पटेल ने उदयपुर स्थित मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय से नियमित शिक्षा प्राप्त करते हुए गुजरात और सिक्किम की विभिन्न विश्वविद्यालयों से स्नातक (बीए) की डिग्रियां प्राप्त करने का दावा किया। एसओजी के अनुसार तीनों संस्थानों में अध्ययन की अवधि समान या परस्पर ओवरलैप होने की जानकारी सामने आई है, जिससे दस्तावेजों की प्रामाणिकता पर संदेह उत्पन्न हुआ है। आरोप है कि उन्होंने शिक्षक भर्ती के समय अधिक अंक दर्शाने वाली डिग्री का उपयोग कर सरकारी शिक्षक पद पर नियुक्ति हासिल की।
जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2007 से 2010 तक पटेल उदयपुर स्थित मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में नियमित छात्र रहे। इसी दौरान उन्होंने सिक्किम की ईआईआईएलएम यूनिवर्सिटी से 73.85 प्रतिशत अंकों के साथ बीए की डिग्री प्राप्त करने का दावा किया। इसके बाद वर्ष 2012 में गुजरात की कालोरेक्स टीचर्स यूनिवर्सिटी से भी एक अन्य बीए डिग्री हासिल करने के दस्तावेज प्रस्तुत किए गए।
विधानसभा चुनाव और उपचुनाव के दौरान दाखिल किए गए शपथ पत्रों में भी विधायक ने इन डिग्रियों का उल्लेख किया था। अब जांच एजेंसियां इन दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही हैं।
गौरतलब है कि विधायक पटेल पहले भी विवादों में रह चुके हैं। विधायक रहते हुए रिश्वत लेने के एक मामले में उन्हें भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की ओर से गिरफ्तार किया जा चुका है। उस मामले में वे करीब तीन महीने तक जेल में रहे थे। अब फर्जी डिग्री और शिक्षक नियुक्ति से जुड़े मामले में एसओजी ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।