फर्जी कॉल सेंटर मामले में जयपुर पुलिस की कार्रवाई को एफबीआई का समर्थन मिला है। आरोप है कि इन कॉल सेंटरों से अमेरिकी नागरिक विलियम्स को डिजिटल अरेस्ट कर ठगी की गई। एफबीआई ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से कोर्ट में गवाही देने की भी सहमति जताई है।
जयपुर: फर्जी कॉल सेंटरों के खिलाफ जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) ने पूरी तरह जायज ठहराया है। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के प्रयासों से एफबीआई ने अमेरिका में ठगी के शिकार नागरिकों की पहचान की है।
एफबीआई ने अमेरिका के वर्जीनिया निवासी विलियम्स के बयान भी दर्ज कर जयपुर कमिश्नरेट को भेजे हैं, जिससे पता चलता है कि जयपुर में संचालित फर्जी कॉल सेंटर से विलियम्स को डिजिटल अरेस्ट कर डराया-धमकाया गया और लाखों डॉलर की ठगी की गई। ठगों ने डॉलर को पैकेट में पैक कराकर अमेरिका में मौजूद अपने साथी के जरिए मंगवाया, तब तक पीड़ित को कॉल पर डिजिटल अरेस्ट रखा गया। एफबीआई ने ठगी से जुड़े ठोस डिजिटल और तकनीकी साक्ष्य भी भारतीय एजेंसियों को उपलब्ध कराए हैं।
जयपुर पुलिस ने नवंबर 2025 में मालवीय नगर और प्रतापनगर थाना क्षेत्रों में संचालित दो फर्जी कॉल सेंटरों पर एक साथ कार्रवाई कर 11 महिलाओं सहित कुल 60 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। यह गिरोह खुद को अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों का प्रतिनिधि बताकर अमेरिकी नागरिकों से ऑनलाइन और फोन कॉल के जरिए ठगी करता था।
खास बात यह है कि पुलिस की कार्रवाई में भारत में कोई प्रत्यक्ष पीड़ित सामने नहीं आया था। इसके बाद डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर एफबीआई से मदद मांगी गई, जिसके जरिए अमेरिका में पीड़ितों की पहचान की गई।
एफबीआई ने जयपुर पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए जांच में सक्रिय सहयोग दिया है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मुकदमे के दौरान अमेरिकी नागरिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारतीय अदालत में बयान दर्ज कराएंगे। इससे मामले को कानूनी मजबूती मिलने की संभावना है। जयपुर कमिश्नरेट पुलिस अब आरोपियों के खिलाफ चालान पेश करने की तैयारी में जुट गई है।
एफबीआई से ठगी का शिकार हुए अमेरिकी नागरिकों के बयान और सबूत मिले हैं। अब फर्जी कॉल सेंटर से जुड़े आरोपियों के खिलाफ ठोस कानूनी कार्रवाई हो सकेगी। जल्द ही कोर्ट में चालान पेश किया जाएगा।
-राहुल प्रकाश, स्पेशल पुलिस कमिश्नर