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Digital Arrest: डिजिटल अरेस्ट करके रिटायर्ड अधिकारी से 57 लाख की ठगी, 13 दिन तक बनाया ‘बंधक’

अजमेर में साइबर ठगों ने पुलिस बनकर रिटायर्ड अधिकारी को 13 दिन डिजिटल अरेस्ट में रखा और 57 लाख रुपए की ठगी की।

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Cyber ​​fraud

Cyber ​​fraud फोटो-पत्रिका

अजमेर: साइबर ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर अजमेर के एक रिटायर्ड अधिकारी को 13 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर 57 लाख रुपए की ठगी कर ली। ठगों ने वीडियो कॉल के जरिए पुलिस की वर्दी पहनकर संपर्क किया और मनी लॉन्ड्रिंग के फर्जी मामले में फंसाने की धमकी दी।

जगदीश कुमार भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान बरेली में तकनीकी अधिकारी रहे, अब रिटायर्ड हो गए हैं। वे वर्तमान में अजमेर के वैशाली नगर में पत्नी के साथ रहते हैं। साइबर अपराधियों ने उन्हें डराकर अलग-अलग खातों से मोटी रकम ट्रांसफर करवा ली।

पुलिस बनकर वीडियो कॉल

20 अक्टूबर को पहली बार ठगों ने वीडियो कॉल कर संपर्क किया। आरोपियों ने पुलिस की वर्दी पहनकर अपना नाम राजेंद्र बताया और कहा कि उनका आधार कार्ड मनी लॉन्ड्रिंग में इस्तेमाल हो रहा है। साथ ही उनके खिलाफ मामला दर्ज होने की बात कहकर बुजुर्ग दंपति को डरा दिया गया। 20 दिसंबर की सुबह 9 से 10 बजे के बीच पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट में लेने का दावा किया गया। इसके बाद ठगों ने दबाव बनाकर तीन एफडी (FD) तुड़वाईं और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, अन्य बैंकों व पोस्ट ऑफिस से रकम निकलवाकर अपने खातों में ट्रांसफर करवा ली।

57 लाख रुपए कराए ट्रांसफर

22 दिसंबर को पहली बार 8 लाख रुपए आरटीजीएस के जरिए ट्रांसफर कराए गए। कुल मिलाकर जगदीश अस्थानी के खाते से 29 लाख रुपए और उनकी पत्नी अनीता अस्थानी के खाते से 28 लाख रुपये, यानी कुल 57 लाख रुपए ठगों के खातों में जमा करवा दिए गए। पीड़ित के अनुसार, ठगों ने 13 दिनों तक उन्हें मानसिक रूप से बंधक बनाकर रखा। एक ही कमरे में रहने और किसी से संपर्क न करने का दबाव बनाया गया। इस दौरान लगातार वीडियो कॉल और फोन के जरिए उनकी निगरानी की जाती रही।

गाली-गलौज के बाद टूटा ठगों का दबाव

31 दिसंबर को जब खाते में करीब एक लाख रुपये की पेंशन आई, जिसके बाद ठगों ने उसे भी ट्रांसफर कराने का दबाव बनाया। पेंशन की रकम ट्रांसफर कराने की बात पर बुजुर्ग दंपति ने विरोध किया, जिसके बाद फोन पर कहासुनी और गाली-गलौज हुई। इसके बाद पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। साइबर थाने के डीवाईएसपी शमशेर खान ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और ठगी गई राशि में से कुछ रकम को होल्ड भी कराया गया है।