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Gangaur 2026 Date: इस बार गणगौर पर्व कब है? जानें सवारी, परंपरा और खास बातें

Gangaur 2026 Date: पारंपरिक ईसर-गणगौर पूजन 4 मार्च से शुरू होकर 18 दिनों तक चलेगा। महिलाएं और युवतियां सुहाग और उत्तम वर की कामना से पूजा करेंगी, जबकि शहर में सवारी और विशेष आयोजन होंगे।
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Gangaur Festival Ajmer 2026

ईसर-गणगौर। फोटो: पत्रिका

Gangaur 2026 Date: राजस्थान में गणगौर सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं बल्कि लोकसंस्कृति, स्त्री-आस्था और शहर की सांस्कृतिक पहचान का जीवंत उत्सव है। इस बार यह पारंपरिक ईसर-गणगौर पूजन 4 मार्च से शुरु होगा। 18 दिन गणगौर पर्व उत्साह और उमंग से मनाया जाएगा। गणगौर पर ईसर और पार्वती पूजन की परंपरा है। महिलाएं, युवतियां और बालिकाएं परम्परानुसार घरों- मन्दिरों में कथा-कहानी सुनेंगी।

महिलाएं सुहाग की लंबी आयु और कुंवारी कन्याएं अच्छे वर की कामना के लिए पूजन करेंगी। आगरा गेट गणेश मंदिर के पुरोहित पंडित घनश्याम आचार्य ने बताया कि पूर्णिमा और प्रतिपदा तिथि 4 मार्च को होने से ईसर-गणगौर का पूजन शुरू होगा। गणगौर पूजन 21 मार्च को किया जाएगा।

महिलाएं करेंगी 16 शृंगार

ईसर-गणगौर को सुंदर वस्त्र पहनाकर संपूर्ण सुहाग की वस्तुएं अर्पित की जाती हैं। चंदन, अक्षत, धूप, दीप, दूब घास और पुष्प से उनकी पूजा-अर्चना की जाती है। दीवार पर सोलह-सोलह बिंदियां रोली, मेहंदी, हल्दी और काजल लगाया जाता है। हरी दूब से पानी के 16 बार छींटे 16 शृंगार के प्रतीकों पर लगाए जाते हैं।

मशहूर है गणगौर की सवारी

प्रतिवर्ष सोलथम्बा फरिकेन के तत्वावधान में राठौड़ बाबा और गणगौर तथा अग्रवाल पंचायत घसेटी धड़ा के तत्वावधान में ईसर-गणगौर की सवारी निकाली जाती है। नया बाजार, आगरा गेट, गंज सहित अन्य इलाकों में सजावट की जाती है। राठौड़ बाबा, ईसर-गणगौर की सवारी के दौरान इत्र और गुलाब का छिडकाव किया जाता है। साथ ही बैंड शानदार धुनें बजाते हैं।सवारी के बाद दूसरे दिन मेहंदी और लच्छे का वितरण किया जाता है।

दशामाता वृत 13 मार्च को

होली दहन के दूसरे दिन से दशामाता की कथा भी शुरू होगी। चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि के दिन दशामाता का पूजन किया जाएगा। तिथि के अनुसार दशामाता का व्रत इस बार 13 मार्च को रखा जाएगा। महिलाएं पीपल वृक्ष का कुमकुम, मेहन्दी, लच्छा, सुपारी, सूत से पूजन करेंगी। परिवार में अच्छी आर्थिक स्थिति और सुख शांति की कामना करेंगी।

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