
दांव पर स्टूडेंट्स का भविष्य (फोटो पत्रिका नेटवर्क)
उदयपुर: केंद्र और राज्य सरकारें भले ही खेती को लाभकारी बनाने, नवाचार को बढ़ावा देने और अनुसंधान के जरिए किसानों की आय दोगुनी करने के दावे कर रही हों, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट है। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न कृषि महाविद्यालयों, प्रसार शिक्षा निदेशालय और अनुसंधान निदेशालय शैक्षणिक और वैज्ञानिक पदों की भारी कमी से जूझ रहे हैं।
स्थिति यह है कि इन संस्थानों में 75 से 93 फीसदी तक पद रिक्त हैं। मैन पावर की कमी से न केवल कृषि अनुसंधान प्रभावित हो रहा है, बल्कि खेती में भविष्य तलाश रहे हजारों विद्यार्थियों और किसानों की उम्मीदों पर भी पानी फिरता नजर आ रहा है।
कृषि क्षेत्र में किसानों को नई तकनीक, उन्नत बीज, आधुनिक खेती के तरीके और जलवायु परिवर्तन से निपटने के उपायों की जानकारी देने वाला प्रसार शिक्षा निदेशालय खुद ही मैन पावर के संकट का शिकार है। अखिल भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत किसानों को प्रशिक्षण देने वाले इस निदेशालय में स्वीकृत 228 पदों में से 155 पद खाली हैं।
यानी करीब 93 फीसदी शैक्षणिक पदों पर नियुक्तियां नहीं हैं। इससे किसानों तक नई तकनीक और शोध आधारित जानकारी पहुंचाने का तंत्र कमजोर पड़ रहा है।
कृषि अनुसंधान की रीढ़ माने जाने वाले अनुसंधान निदेशालय की स्थिति भी कम चिंताजनक नहीं है। यहां स्वीकृत 485 पदों में से 371 पद खाली हैं, यानी करीब 77 फीसदी स्टॉफ की कमी।
विशेषज्ञों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर रिक्तियों के कारण नई फसलों का विकास, रोग प्रतिरोधक किस्मों पर काम, जैविक खेती, प्राकृतिक खेती और जलवायु अनुकूल कृषि जैसे विषयों पर होने वाला शोध प्रभावित हो रहा है।
शैक्षणिक पदों की कमी का सीधा खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। सीमित स्टॉफ के भरोसे पढ़ाई कराई जा रही है। कई विषयों में अतिथि व्याख्याताओं से काम चलाया जा रहा है। प्रयोगशालाओं, फील्ड रिसर्च और प्रायोगिक प्रशिक्षण भी प्रभावित हो रहा है। इससे कृषि क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है।
| संस्थान | स्वीकृत पद | रिक्त पद | रिक्ति प्रतिशत (%) |
|---|
| प्रसार शिक्षा निदेशालय | 228 | 155 | 93% |
| कृषि महाविद्यालय, डूंगरपुर | 30 | 26 | 92% |
| प्रौद्योगिकी एवं अभियांत्रिकी महाविद्यालय | 287 | 170 | 75% |
| डेयरी एवं खाद्य महाविद्यालय | 57 | 35 | 84% |
| राजस्थान कृषि महाविद्यालय | 297 | 207 | 85% |
| निदेशालय अनुसंधान | 485 | 371 | 77% |
Published on:
23 Feb 2026 01:48 pm
बड़ी खबरें
View Allउदयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
