
जयपुर: चिकित्सा क्षेत्र में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर करते हुए राजस्थान एसओजी ने कूटरचित (फर्जी) एफएमजीई प्रमाण पत्रों के जरिए डॉक्टर बनने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस सनसनीखेज कार्रवाई में राजस्थान मेडिकल काउंसिल (आरएमसी) के तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा और नोडल अधिकारी अखिलेश माथुर समेत कुल 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
इनमें विदेशों से डिग्री लेकर डॉक्टर बने 15 आरोपी भी शामिल हैं, जबकि एक दलाल है। अधिकांश मामलों में एक फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने के बदले में 25 लाख रुपए लिए जाते थे। कुछ प्रमाण पत्र बनाने के बदले में तो रकम 30 से 35 लाख रुपए तक ली गई।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि फर्जी एफएमजीई प्रमाण पत्रों की शिकायत मिलने पर मुकदमा संख्या 34/2025 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान करौली में इंटर्नशिप कर रहे आरोपी पीयूष त्रिवेदी को गिरफ्तार किया गया, जिसने पूछताछ में पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। उसके जरिए देवेंद्र, शुभम और भानाराम की भूमिका सामने आई, जिन्हें भी गिरफ्तार किया गया।
एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि अग्रिम जांच में सामने आया कि फर्जी एफएमजीई प्रमाण पत्रों के आधार पर आरएमसी से इंटर्नशिप और रजिस्ट्रेशन दिलाने वाला एक संगठित गिरोह सक्रिय था। इसमें आरएमसी के तत्कालीन रजिस्ट्रार और कर्मचारियों की मिलीभगत उजागर होने पर मुकदमा दर्ज किया गया।
अब तक की जांच में 90 से अधिक ऐसे डॉक्टर चिन्हित किए गए हैं, जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों के जरिए रजिस्ट्रेशन प्राप्त किया। कुल रकम में से आरएमसी अधिकारी प्रति प्रमाण पत्र के 10 से 12 लाख रुपए लेते थे।
इसके अलावा फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने वाले 2 लाख रुपए लेते और शेष राशि दलाल आपस में बांट लेते थे। मामले में अभी बड़ी संख्या में विदेश से डिग्री लेकर यहां से फर्जी प्रमाण पत्र लेकर इंटर्नशिप करने वाले डॉक्टरों की गिरफ्तारी होगी।
डीआईजी परिस देशमुख ने बताया कि उदयपुर से पकड़े गए आरोपी डॉ. यश पुरोहित के एक निजी अस्पताल में फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर चिकित्सक के रूप में कार्य करने का मामला भी सामने आया है, जिसे बेहद गंभीर आपराधिक कृत्य माना जा रहा है।
डीआईजी परीस देशमुख और एसपी कुंदन कांवरिया के नेतृत्व में एसओजी की 7 टीमें और 7 जिलों की 14 पुलिस टीमों ने समन्वय के साथ जयपुर, दिल्ली, उदयपुर, जोधपुर, सीकर, झुंझुनूं, धौलपुर, कोटपूतली, अलवर, करौली में एक साथ दबिश दी गई। इस दौरान 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को जयपुर एसओजी मुख्यालय लाया गया।
विदेश से डिग्री लेने के बाद आरएमसी से जारी फर्जी प्रमाण पत्रों से विभिन्न अस्पतालों में इंटर्नशिप व प्रैक्टिस करने के मामले को लेकर राजस्थान पत्रिका ने लगातार खबरें प्रकाशित की थी। एसओजी में लोगों ने इस संबंध में कई शिकायतें दर्ज करवाई गई।
एसओजी ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन नंबर आरएमसी की आधिकारिक वेबसाइट https://rudrp.rajasthan.gov.in/rmc/find-doctor पर जांच सकते हैं, ताकि फर्जी डॉक्टरों से बचा जा सके।