जयपुर

राजस्थान में SOG की बड़ी कार्रवाई: फर्जी सर्टिफिकेट से डॉक्टर बने 18 लोग गिरफ्तार, 90 से ज्यादा संदिग्ध डॉक्टर चिन्हित

Rajasthan SOG: एसओजी ने फर्जी FMGE सर्टिफिकेट गिरोह का भंडाफोड़ कर आरएमसी के पूर्व रजिस्ट्रार समेत 18 को गिरफ्तार किया। 25-35 लाख में सर्टिफिकेट बनाकर डॉक्टरों को रजिस्ट्रेशन दिलाया जाता था। 90+ संदिग्ध डॉक्टर चिन्हित, कई अस्पतालों में सेवाएं दे रहे थे।

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Mar 26, 2026
राजेश शर्मा (आरएमसी के तत्कालीन रजिस्ट्रार) अजमेर, अखिलेश माथुर (एमआरसी के तत्कालीन नोडल ऑफिसर) जयपुर और यश पुरोहित (पैसेफिक मेडिकल कॉलेज उदयपुर में ट्यूटर)

जयपुर: चिकित्सा क्षेत्र में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर करते हुए राजस्थान एसओजी ने कूटरचित (फर्जी) एफएमजीई प्रमाण पत्रों के जरिए डॉक्टर बनने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस सनसनीखेज कार्रवाई में राजस्थान मेडिकल काउंसिल (आरएमसी) के तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा और नोडल अधिकारी अखिलेश माथुर समेत कुल 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

इनमें विदेशों से डिग्री लेकर डॉक्टर बने 15 आरोपी भी शामिल हैं, जबकि एक दलाल है। अधिकांश मामलों में एक फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने के बदले में 25 लाख रुपए लिए जाते थे। कुछ प्रमाण पत्र बनाने के बदले में तो रकम 30 से 35 लाख रुपए तक ली गई।

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अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि फर्जी एफएमजीई प्रमाण पत्रों की शिकायत मिलने पर मुकदमा संख्या 34/2025 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान करौली में इंटर्नशिप कर रहे आरोपी पीयूष त्रिवेदी को गिरफ्तार किया गया, जिसने पूछताछ में पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। उसके जरिए देवेंद्र, शुभम और भानाराम की भूमिका सामने आई, जिन्हें भी गिरफ्तार किया गया।

आरएमसी में 10 से 12 लाख रुपए, यूं रकम का होता बंटवारा

एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि अग्रिम जांच में सामने आया कि फर्जी एफएमजीई प्रमाण पत्रों के आधार पर आरएमसी से इंटर्नशिप और रजिस्ट्रेशन दिलाने वाला एक संगठित गिरोह सक्रिय था। इसमें आरएमसी के तत्कालीन रजिस्ट्रार और कर्मचारियों की मिलीभगत उजागर होने पर मुकदमा दर्ज किया गया।

अब तक की जांच में 90 से अधिक ऐसे डॉक्टर चिन्हित किए गए हैं, जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों के जरिए रजिस्ट्रेशन प्राप्त किया। कुल रकम में से आरएमसी अधिकारी प्रति प्रमाण पत्र के 10 से 12 लाख रुपए लेते थे।

इसके अलावा फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने वाले 2 लाख रुपए लेते और शेष राशि दलाल आपस में बांट लेते थे। मामले में अभी बड़ी संख्या में विदेश से डिग्री लेकर यहां से फर्जी प्रमाण पत्र लेकर इंटर्नशिप करने वाले डॉक्टरों की गिरफ्तारी होगी।

फर्जी डॉक्टर अस्पतालों में दे रहे थे सेवाएं

डीआईजी परिस देशमुख ने बताया कि उदयपुर से पकड़े गए आरोपी डॉ. यश पुरोहित के एक निजी अस्पताल में फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर चिकित्सक के रूप में कार्य करने का मामला भी सामने आया है, जिसे बेहद गंभीर आपराधिक कृत्य माना जा रहा है।

21 से अधिक टीमों की एक साथ कार्रवाई

डीआईजी परीस देशमुख और एसपी कुंदन कांवरिया के नेतृत्व में एसओजी की 7 टीमें और 7 जिलों की 14 पुलिस टीमों ने समन्वय के साथ जयपुर, दिल्ली, उदयपुर, जोधपुर, सीकर, झुंझुनूं, धौलपुर, कोटपूतली, अलवर, करौली में एक साथ दबिश दी गई। इस दौरान 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को जयपुर एसओजी मुख्यालय लाया गया।

विदेश से डिग्री लेने के बाद आरएमसी से जारी फर्जी प्रमाण पत्रों से विभिन्न अस्पतालों में इंटर्नशिप व प्रैक्टिस करने के मामले को लेकर राजस्थान पत्रिका ने लगातार खबरें प्रकाशित की थी। एसओजी में लोगों ने इस संबंध में कई शिकायतें दर्ज करवाई गई।

ऐसे करें डॉक्टर का सत्यापन

एसओजी ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन नंबर आरएमसी की आधिकारिक वेबसाइट https://rudrp.rajasthan.gov.in/rmc/find-doctor पर जांच सकते हैं, ताकि फर्जी डॉक्टरों से बचा जा सके।

इनको किया गिरफ्तार

  • राजेश शर्मा (आरएमसी के तत्कालीन रजिस्ट्रार) निवासी श्रीराम विहार कॉलोनी, वैशाली नगर, अजमेर
  • अखिलेश माथुर (एमआरसी के तत्कालीन नोडल ऑफिसर) निवासी नागरिक नगर, टोंक रोड, जयपुर
  • विनय चौहान निवासी अशोक विहार कॉलोनी, धौलपुर
  • यश पुरोहित (पैसिफिक मेडिकल कॉलेज उदयपुर में माईकोबायलॉजी में ट्यूटर) निवासी देवली छोटा, सांगवाड़ा, डूंगरपुर
  • प्रतीक चौधरी निवासी वार्ड नं. 02, रीझाणी मलसीसर, झुंझुनूं
  • नरेन्द्र सिंह पुत्र निवासी खतेपुरा, झुंझुनूं
  • दयाराम गुर्जर निवासी वार्ड 03, राजोता, खेतड़ी, झुंझुनूं
  • मनीष चंदेला निवासी शिव कॉलोनी, अलवर
  • श्रवण लामरोर निवासी कुम्हार रोड, नाडसर, जोधपुर
  • रवि कुमार गुर्जर निवासी गुढाचन्द्रजी, नादौती, करौली
  • करण सिंह गुर्जर निवासी छावनी नीमका, वार्ड नं. 16, सीकर
  • अविनाश सैनी निवासी वार्ड नं. 4, बड़ी बाड़ी सकट, अलवर
  • विक्की सामोता निवासी कोटड़ा नीमकाथाना, सीकर
  • दिनेश कुमार निवासी मिर्जवास, लक्ष्मणगढ़, सीकर
  • ईश्वर यादव निवासी मकान नं. ब्राह्मण मोहल्ला, सलारपुर, बहरोड़
  • विकास यादव निवासी गोरर्धनपुरा, कोटपूतली
  • दीपेश यादव निवासी माजरी खुर्द, कोटपूतली, बहरोड़
  • संकेत टेलर निवासी पुराना बस स्टैंड, परतापुर बांसवाड़ा

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Published on:
26 Mar 2026 08:46 am
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