इस साल बेमौसम बारिश ने आइसक्रीम कारोबारियों के पसीने छुड़ा दिए है।
इस साल बेमौसम बारिश ने आइसक्रीम कारोबारियों के पसीने छुड़ा दिए है। एक तरफ जहां, बिक्री कमजोर रहने का डर सता रहा है, वहीं दूसरी तरफ महंगी आइसक्रीम बेचने की कवायद। दूध से लेकर अन्य कच्चे माल के दामों में आई तेजी ने इस साल आइसक्रीम की कीमतों में 10 से 15 फीसदी की वृद्धि कर दी है। कंपनियों का कहना है कि लागत बढ़ने से आइसक्रीम का दाम बढ़ाना उनकी मजबूरी हो गया है। आइसक्रीम के अलग- अलग फ्लेवर और पैकेजिंग के मुताबिक कीमतों में वृद्धि की जा रही है।
डीजल की बढ़ती कीमतें भी बनी बड़ी वजह
कंपनियों का तर्क है कि डीजल के दामों में बढ़ोतरी के कारण ट्रांसपोर्ट करने की कॉस्ट भी काफी बढ़ गई है। पिछले दो—तीन सालों में डीजल की कीमतों के साथ—साथ वेतन-मजदूरी और पैकेजिंग मटीरियल की कीमतों में काफी इजाफा हुआ है। इससे आइसक्रीम की कीमतें बढ़ाना मजबूरी हो गया है।
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5 वाली ऑरेंज बार हो जाएगी 10 की
इन दिनों पांच रुपए में मिलने वाली ऑरेंज बार अब 10 रुपए तक बेची जा रही है। इस हिसाब से हर पैक की कीमत में कम से कम 5 से लेकर के 10 रुपए तक की बढ़ोतरी देखी जा रही है। ऐसे में आइसक्रीम का स्वाद भी कई लोगों को कड़वा लगने वाला है।