जयपुर

(पेज 2 एंकर) बाइक पर 80 किमी तक मशरूम बेचने वाले किसान ने खड़ा किया 20 उत्पादों का कारोबार

Aug 11, 2026
Rajasthan

Bबागलकोट (कर्नाटक).B खेती में नया प्रयोग करने की चाह ने कर्नाटक के बागलकोट जिले के मुद्होल तहसील क्षेत्र के किसान महेश कोलूर की जिंदगी बदल दी। कृषि में डिप्लोमा के बाद 2021 में उन्होंने महज 30 बैग से मशरूम उत्पादन शुरू किया। तब रोजाना करीब 3 किलो मशरूम मिलता था और बाजार तलाशना सबसे बड़ी चुनौती थी। आज वे रोजाना करीब 200 किलो मशरूम का उत्पादन कर रहे हैं और इससे करीब 20 तरह के उत्पाद तैयार कर रहे हैं।B
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Bबाजार नहीं मिला तो खुद ग्राहक बनाएB

शुरुआती दौर में महेश ताजा मशरूम लेकर बाइक से करीब 80 किलोमीटर तक जाते थे। कई लोग मशरूम खरीदने से झिझकते थे। उन्होंने ग्राहकों को इसके पोषण संबंधी फायदे बताए, अलग-अलग जगह स्टॉल लगाए और सरकारी प्रदर्शनियों में बिक्री शुरू की। धीरे-धीरे मांग बढ़ी और सोशल मीडिया के जरिए कर्नाटक के दूसरे हिस्सों से भी ऑर्डर मिलने लगे।B
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Bमशरूम से 20 उत्पाद, बढ़ी कमाईB

2024 में महेश ने मशरूम प्रसंस्करण शुरू किया। अब पाउडर, कुकीज, पापड़, चिप्स और अचार सहित करीब 20 उत्पाद बनाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि प्रसंस्करण से मशरूम की शेल्फ लाइफ बढ़ती है और फसल बाद होने वाला नुकसान कम होता है। मशरूम पाउडर बनाने की शुरुआत उन्होंने अपनी मां के लिए प्रयोग के तौर पर की थी।B
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B3 हजार लोगों को प्रशिक्षणB

2023 से महेश मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण भी दे रहे हैं। अब तक करीब 3,000 लोग प्रशिक्षण ले चुके हैं, जिनमें लगभग 30 फीसदी ने अपनी इकाइयां शुरू कर ली हैं। कुछ किसान महेश की प्रसंस्करण इकाई को मशरूम की आपूर्ति करते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे उद्यम और रोजगार के अवसर बने हैं।B
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B30 हजार से शुरू हो सकता है कारोबारB

महेश के अनुसार, शेड पहले से हो तो करीब 30 हजार रुपए में मशरूम उत्पादन शुरू किया जा सकता है। ऑयस्टर, मिल्की और बटन मशरूम व्यावसायिक उत्पादन के लिए उपयोगी हैं। वे किसानों को उत्पादन शुरू करने से पहले बाजार और बिक्री की व्यवस्था तय करने की सलाह देते हैं। कृषि विभाग की नव उद्यम योजना के तहत मशरूम आधारित उत्पादों के लिए वित्तीय सहायता पाने वाले महेश कर्नाटक के पहले उद्यमी बने हैं।

Updated on:
11 Aug 2026 06:02 am
Published on:
11 Aug 2026 06:02 am