
जयपुर, 8 अगस्त
कोविड से पैदा हुए आर्थिक हालातों के बीच कृषि विभाग की ओर से शुरू की गई फ्री रेंटल स्कीम (free rental scheme) जरूरतमंद किसानों के लिए मददगार साबित हुई। दो माह तक चली इस योजना से राज्य के 31 हजार से अधिक किसान लाभान्वित हुए ऐसे में अब इस योजना को और आगे बढ़ाए जाने की मांग उठ रही है। किसानों का कहना है कि शुरुआत दिनों में बरसात की कमी के कारण पूरे प्रदेश में बुवाई का कार्य पूरा नहीं हो सका था अब जबकि अच्छी बरसात हो चुकी है तो किसान एक बार फिर खेतों में जुट चुके हैं और ऐसे में यदि इस स्कीम को कुछ दिनों के लिए आगे बढ़ाया जाए तो उनके लिए यह और भी मददगार हो सकती है।
क्या थी फ्री रेंटल स्कीम
फ्री रेंटल स्कीम 2021 के तहत राजस्थान सरकार ने खरीफ की फसल की बुवाई को ध्यान देते हुए राज्य के 2.5 में एकड़ से कम भूमि के किसान मालिकों को ट्रैक्टर, बिजाई मशीन, रोटावेटर, हल, प्लाव जैसे खेती के यंत्र को बिना किराया लिए उपलब्ध करवाए थे। योजना को दो माह के लिए अजमेर, अलवर, बारां, भरतपुर, बूंदी, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, जोधपुर,करौली, कोटा, नागौर, सवाई माधोपुर, सीकर, टोंक,धौलपुर, जालोर,पाली, बाड़मेर, उदयपुर, चित्तौडगढ़़, भीलवाड़ा, बीकानेर एवं दौसा जिलों में यह सुविधा शुरू करवाई गई। स्कीम के तहत किसानों को दी जाने वाले कृषि यंत्रों को टैफे कम्पनी के जे फार्म सर्विसेज ने दिए। टैफे कंपनी के अलावा दूसरे कंपनी के उपकरण जैसे मेसी फर्गुसन और आयशयर की सुविधा भी किसानों को दी गई। योजना एक जून से 31 जुलाई तक संचालित की गई। कपनी की ओर से अपने रेंटर्स के माध्यम से 31 जुलाई तक पात्र 31 हजार 326 किसानों को मांग अनुसार फ्री सेवा मुहैया कराई गई। इस दौरान ट्रेक्टर और कृषि उपकरणों से इन किसानों की 54 हजार 782 एकड़ जमीन पर 88 हजार 92 घंटे कार्य किया गया।
जयपुर जिले में सर्वाधिक 3680 किसानों को लाभ मिला
जयपुर 3 हजार 680
सीकर 3 हजार 592
अलवर 2 हजार 755
झुंझुनूं 2 हजार 687
नागौर 2 हजार 406
टोंक 1 हजार 711
करौली 1 हजार 672
जोधपुर 1 हजार 638
अजमेर 1 हजार 413
बारां 1 हजार 217
भरतपुर 1 हजार 152 किसानों सहित राज्य के सभी जिलों के किसानों ने इस योजना का लाभ लिया।
तीन राज्यों में शुरू की थी सर्विस
आपको बता दें कि टैफे कम्पनी ने राजस्थान के साथ ही तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में भी किसानों के लिए अपने सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत गत वर्ष इस योजना की शुरुआत की थी। जिससे किसानों को कोविड का खतरा कम हो सके। इसके तहत कंपनी राजस्थान में 11,000 ट्रैक्टर और 50,000 कृषि उपकरण और उत्तर प्रदेश में 3,000 ट्रैक्टर और 12,000 कृषि उपकरण उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया था। गत वर्ष भी कृषि विभाग के प्रयासों से टैफे ने कोविड की विकट परिस्थितियों में करीब 27 हजार किसानों को एक लाख घंटे से ज्यादा की नि:शुल्क सेवा दी गई थी। इस स्कीम को किसान समुदाय से अति उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली और इसके लागू होने के 75 दिनों के अंदर ही 160,000 एकड़ से अधिक में खेती का कार्य हुआ और इस रेंटल सेवा से फसल के महत्वपूर्ण मौसम में हजारों किसानों को लाभ हुआ था।
फैक्ट फाइल
: गत वर्ष शुरू की गई थी योजना
: राजस्थान के साथ तमिलनाडू और उत्तर प्रदेश में हुई शुरू
: गत वर्ष एक लाख घंटे से अधिक दी गई निशुल्क सेवा
: गत वर्ष राजस्थान में 27 हजार किसानों को मिला फायदा
: इस वर्ष 31 हजार किसानों ने लिया योजना का लाभ