Rajasthan Green Field Expressway: कोटपूतली में प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के विरोध में किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। किसान सोमवार को 101 ट्रैक्टरों के साथ कलक्ट्रेट कूच कर जमीन अधिग्रहण के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
कोटपूतली। पनियाला से अजमेर के किशनगढ़ तक प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के विरोध में किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। किसान महापंचायत के नेतृत्व में सोमवार को ग्राम गोनेड़ा से 101 ट्रैक्टरों के साथ विरोध प्रदर्शन और कलक्ट्रेट कूच किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर अपर्णा गुप्ता को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसमें किसानों की मांगों और समस्याओं को रखा जाएगा। प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना को लेकर प्रभावित किसानों में नाराजगी बनी हुई है।
किसानों का कहना है कि इस परियोजना के लिए कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिससे गांवों में रहने वाले कई परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी। किसानों के अनुसार वर्षों से खेती पर निर्भर परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। किसान महापंचायत के पदाधिकारियों ने बताया कि सोमवार सुबह 10 बजे ग्राम गोनेड़ा से 101 ट्रैक्टरों का काफिला जिला मुख्यालय के लिए रवाना होगा।
ट्रैक्टर मार्च के जरिए किसान अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाएंगे। किसान नेताओं का कहना है कि वे विकास कार्यों के विरोध में नहीं हैं, लेकिन बिना उचित मुआवजे और किसानों की सहमति के भूमि अधिग्रहण स्वीकार नहीं किया जाएगा। ट्रैक्टर मार्च को किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। आंदोलन को लेकर किसान संगठनों ने अलग-अलग जिलों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष मुसद्दीलाल यादव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रोहिताश बोहरा, प्रदेश महामंत्री सुंदरलाल भांवरिया, प्रदेश मंत्री ज्ञानचंद मीणा और महेश जाखड़ सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। किसान महापंचायत के जिलाध्यक्ष बाबूलाल चौधरी की अगुवाई में स्थानीय टीम व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालेगी। वहीं तहसील अध्यक्ष हरसहाय तंवर ट्रैक्टर रैली को अनुशासित तरीके से संचालित करवाएंगे।
किसानों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसानों का कहना है कि खेती उनकी आजीविका का मुख्य साधन है और जमीन जाने से कई परिवारों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। इस मौके पर संयोजक सुरेश बिजारणिया, राकेश रावत, कृष्ण गुर्जर, उमराव सिंह, रमेश रावत, प्रकाश मुक्कड़, पूरण फामड़ा, सुभाष यादव, इंद्राज यादव, बीरबल गेट और शीशराम गेट सहित कई किसान मौजूद रहे।