किसान अब खेतों में फसल को खराब करने वाले रोगों व कीटों पर ड्रोन से कीटनाशक दवा का छिड़काव कर सकेंगे। कृषि विभाग अब किसानों को ड्रोन उड़ाने की ट्रेंनिग देगा।
बहरोड़। जिले के किसान अब खेतों में फसल को खराब करने वाले रोगों व कीटों पर ड्रोन से कीटनाशक दवा का छिड़काव कर सकेंगे। खेतों में उर्वरक व रसायनों के ड्रोन के जरिए छिड़काव को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग अब किसानों को ड्रोन उड़ाने की ट्रेंनिग देगा। ड्रोन के जरिए खेतों में स्प्रे होने से किसानों को कम लागत में बेहतर उत्पादन मिल सकेगा। इसके लिए कृषि ड्रोन खरीदने पर अनुदान भी दिया जाएगा। जिले से 10 प्रशिक्षणार्थियों का चयन किया जाएगा। जिन्हें डीजीसीए की ओर से ड्रोन चलाने का प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।
कृषि विभाग के अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत किसान को ऑनलाइन राज किसान साथी पोर्टल पर आवेदन करना होगा। प्रशिक्षण के लिए 10वीं पास की अनिवार्यता और 18 से 65 वर्ष की आयु तय की गई है। प्रशिक्षण केवल राजस्थान के मूल निवासी को ही मिल सकेगा। प्रशिक्षण राशि की 50 फीसदी राशि कृषि विभाग की ओर से ओर दी जाएगी। वहीं प्रशिक्षण के बाद 20 हजार रुपए की राशि बतौर प्रोत्साहन कृषि विश्वविद्यालय की ओर से वहन की जाएगी। शेष राशि संबंधित प्रशिक्षणार्थी को देनी होगी।
सहायक निदेशक कृषि विस्तार बहरोड़, राकेश यादव ने बताया कि किसान आने वाले समय में खेतों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव ड्रोन से कर सकेंगे। इसके लिए जिले के दस किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। ड्रोन से फसलों में कीटनाशक दवाओं व नैनो यूरिया व डीएपी का भी किसान छिड़काव कर सकेंगे। जिससे धन व समय की बचत होगी।