
जयपुर. राजस्थान में अपराधियों के हौसले बूलंद है। शेखावाटी गैंगस्टरों का गढ़ बन चुका है। जिसमें सीकर, चूरू, झुंझुनूं व नागौर शामिल है। सीकर के फतेहपुर इलाके में शनिवार रात को बदमाशों ने एसएचओ मुकेश कानूनगो व कांस्टेबल रामप्रकाश की गोली मार हत्या कर दी। हालांकि— पुलिस ने वारदात करने वाले दो बदमाशों को पकड़ लिया है। लेकिन मुख्य आरोपी हार्डकोर अजय चौधरी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। जिसकी तलाश को लेकर पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रहीं है। गौरतलब है कि साल 2009 से 2018 तक फतेहपुर कोतवाली के चार पुलिसकर्मियों की बदमाशों ने बेरहम तरीके से हत्या कर डाली।
जानिए: वह जाबांज पुलिसकर्मी, जिनकी बदमाशों ने हत्या की...
2013 में एएसआई ओमप्रकाश की डंडे से पीट हत्या..
फतेहपुर कोतवाली में एएसआई ओमप्रकाश को 23 अक्टूबर 2013 को अपराधियों की तलाश के लिए गए थे। शाम को एएसआई महमूद हसन को सूचना मिली कि सरदारपुरा चौराहे पर एएसआई ओमप्रकाश घायलावस्था में है। पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो मौके पर खून से सना डंडा मिला। जयपुर एसएमएस में उपचार के दौरान ओमप्रकाश ने दम तोड़ दिया। जांच में सामने आया कि आरोपी दिनेश आचार्य व चंदन ने एएसआई ओमप्रकाश पर हमला किया था। जिन्हें पुलिस ने बाद में गिरफ्तार कर लिया।
2009 में बदमाशों ने कांस्टेबल को गोलियों से उड़ाया
फतेहपुर सीओ ने 26 मार्च 2009 को कोतवाली में वायरलैस से सूचना दी कि एक इंडिका कार में तीन बदमाश जा रहे है। उन्होंने रोकने का प्रयास किया तो बदमाशों ने उन पर फायर किए। थाना पुलिस जाब्ता तत्काल बदमाशों को रोके। एएसआई महमूद हसन मय कांस्टेबल हरिशचन्द्र, श्री कल्याण सिह व प्रदीप कुमार के साथ रतनगढ़ फाटक की तरफ पहुंचे। सामने से आ रहे बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग की। कांस्टेबल हरिशचंद्र के गोली लगी। घायलावस्था में हरिशचंद्र को अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सकों ने हरिशचंद्र को मृत घोषित कर दिया। बाद में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।