जयपुर

हर सेकंड पृथ्वी के बराबर बढ़ने वाला ब्लैकहोल मिला

अंतरिक्ष की पहेली : ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों की बड़ी खोज बेहद शक्तिशाली, द्रव्यमान सूर्य के 3 अरब गुना ज्यादा
less than 1 minute read
Jun 20, 2022
हर सेकंड पृथ्वी के बराबर बढ़ने वाला ब्लैकहोल मिला
हर सेकंड पृथ्वी के बराबर बढ़ने वाला ब्लैकहोल मिला

मेलबर्न. ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने अब तक के सबसे बड़े रहस्यमय ब्लैकहोल की खोज की है। ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का दावा है कि यह ब्लैकहोल 9 अरब साल से तेज गति से बढ़ता जा रहा है। यह काफी शक्तिशाली है।
स्पेस.कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक ब्लैकहोल हर सेकंड पृथ्वी के बराबर बढ़ रहा है। इसका द्रव्यमान सूर्य के द्रव्यमान से करीब 3 अरब गुना ज्यादा है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इसे टेलिस्कोप की मदद से देखा जा सकता है। ब्लैकहोल के बारे में शोध एक जर्नल में प्रकाशित हुआ है। इसके मुताबिक खास प्रकार के तारों की खोज के दौरान यह ब्लैकहोल पाया गया। रिसर्चर टीम को लीड करने वाले क्रिस्टोफर ओंकेन का कहना है कि दुनियाभर के वैज्ञानिक 50 साल से इस तरह के किसी बड़े ऑब्जेक्ट की खोज की कोशिश कर रहे हैं। यह कहना मुश्किल है कि अब तक यह ब्लैकहोल उनकी नजरों से कैसे छूट गया।

सेगेटेरियस-ए से 500 गुना बड़ा
इसी साल शोधकर्ताओं ने हमारी आकाशगंगा में सेगेटेरियस-ए नाम के ब्लैकहोल की खोज की थी। नया ब्लैकहोल इससे 500 गुना ज्यादा बड़ा है। ज्यादा ताकतवर होने के साथ यह आकाशगंगा के तारों की तुलना में 7 हजार गुना ज्यादा चमकदार है। शोधकर्ताओं की टीम के सैमुएल लाई के मुताबिक यह इतना बड़ा है कि इसमें हमारे सौरमंडल के ग्रहों की सभी कक्षाएं समा सकती हैं।

कैसे बनते हैं...
वैज्ञानिकों का कहना है कि गैलेक्सी में घूमने वाले ब्लैकहोल दुर्लभ और बड़े सितारों के खत्म होने के बाद बने हैं। ये हमारे सूर्य से करीब 20 गुना ज्यादा बड़े हैं। जब सितारे नष्ट होते हैं तो अपने ही गुरुत्वाकर्षण के कारण खिंचे चले जाते हैं और ब्लैकहोल अस्तित्व में आता है। माना जाता है कि हमारी गैलेक्सी में 10 करोड़ ब्लैकहोल हैं।

Published on:
20 Jun 2022 02:02 am