
Rajasthan Football : सबसे रोमांचक विश्वकप फुटबॉल प्रतियोगिता (फीफा) का बुखार अपने चरम पर पहुंच चुका है। विश्व विजेता बनने की होड़ में 56 लाख जनसंख्या वाले नार्वे ने अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा है। दूसरी तरफ आठ करोड़ की आबादी वाला राजस्थान है जो 85 वर्षों में राष्ट्रीय फुटबॉल की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता संतोष ट्रॉफी के सेमीफाइनल तक भी नहीं पहुंच पाया। देश के दूसरे बड़े क्लब टूर्नामेंटों में भी प्रदेश की कोई उल्लेखनीय उपलब्धि नहीं रही। ऐसे में सवाल उठता है कि क्रिकेट की चमक के बीच फुटबॉल में राजस्थान की कहानी अधूरी क्यों है? प्रदेश ने मगन सिंह राजवी और चैन सिंह जैसे खिलाड़ी दिए है। इसके बावजूद राज्य राष्ट्रीय फुटबॉल में पहचान नहीं बना सका। दूसरी तरफ ऐसे छोटे-छोटे राज्य भी है जिन्होंने राष्ट्रीय चैम्पियन बनने का गौरव हासिल किया है।
मजबूत लीग प्रणाली, आधुनिक प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और खिलाड़ियों को लगातार अवसर मिलें तो राजस्थान भी राष्ट्रीय फुटबॉल में अपनी अलग पहचान बना सकता है।
उदाहरण के तौर पर करीब 15 लाख आबादी वाला गोवा पांच बार संतोष ट्रॉफी जीत चुका है। मणिपुर और मिजोरम भी एक एक बार खिताब अपने नाम कर चुके हैं। पश्चिम बंगाल रिकॉर्ड 33 बार चैंपियन बना है। इससे स्पष्ट है कि सफलता आबादी से नहीं, बल्कि मजबूत खेल संस्कृति, जमीनी ढांचे, प्रशिक्षकों, प्रतियोगिताओं और निरंतर निवेश से तय होती है।
क्लब फुटबॉल में भी राजस्थान का रिकॉर्ड उत्साहजनक नहीं है। देश के सबसे पुराने टूर्नामेंट डूरंड कप में 1973 में मगन सिंह राजवी की कप्तानी में राजस्थान सशस्त्र कांस्टेबुलरी (आरएसी) उपविजेता रही थी, लेकिन इसके बाद कोई बड़ी उपलब्धि नहीं मिली। फेडरेशन कप और आई-लीग में भी राजस्थान का कोई क्लब अब तक उल्लेखनीय सफलता हासिल नहीं कर सका।
FIFA World Cup 2026 : फीफा वर्ल्ड कप में नॉर्वे को हराकर इंग्लैंड सेमीफाइनल में पहुंच गया है। इंग्लैंड ने नॉर्वे को 2-1 से मात देते हुए फीफा वर्ल्ड कप-2026 के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। इंग्लैंड की जीत के हीरो जूड बेलिंगम ने दो गोल करते हुए टीम को जीत दिलाई। इंग्लैंड ने ये जीत एक गोल से पिछड़ने के बाद हासिल की। दोनों ही टीमों के बीच गजब की टक्कर देखने को मिली, लेकिन आखिरी बाजी इंग्लैंड के हाथ लगी। सेमीफाइनल में इंग्लैंड की टक्कर अर्जेंटीना या स्विटजरलैंड से 16 जुलाई को होगी।