इलाज करवाने आए इस अधेड़ को नसीब हुई मौत वो भी बिना इलाज
इलाज करवाने आए इस अधेड़ को नसीब हुई मौत वो भी बिना इलाज
जयपुर। राजधानी जयपुर में संचालित निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों की जान नगर निगम के अफसरों की लापरवाही से दांव पर लग गई है। रविवार रात नगर निगम के ठीक पास जयपुर अस्पताल की आइसीयू के स्टोर में लगी आग ने निगम और अस्पताल संचालकों की लापरवाही की पोल खोल कर रख दी है। आईसीयू के स्टोर में आग लगने के बाद एक 52 वर्षीय मरीज को एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां देर रात उसकी मौत हो गई।
एसएमएस अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार झुन्झुनु के चिडावा स्थित वार्ड नंबर 24 निवासी 52 वर्षीय अनिल शर्मा कई दिनों से जयपुर अस्पताल में आईसीयू में भर्ती थे। बीती रात अस्पताल की आईसीयू के स्टोर में आग लगने के बाद मची भगदड में अनिल शर्मा को एसएमएस असप्ताल लाया गया जहां उन्हें पहले मेडिसिन वार्ड में भर्ती किया गया और तबीयत खराब होने के बाद आईसीयू में शिफ्ट किया गया जहां इलाज के दौरान मौत गई। जानकारी के अनुसार जयपुर अस्पताल में भर्ती मरीज अनिल शर्मा को लकवे की शिकायत के बाद परिजनों ने जयपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था। वहीं जयपुर अस्पताल से शिफ्ट किए गए 50 से ज्यादा मरीजों का इलाज अन्य निजी अस्पतालों में चल रहा है। लेकिन इस घटना के बाद अस्पताल के फायर फाइटिंग सिस्टम व निगम की एनओसी देने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे है।
इधर अस्पताल संचालक शैलेन्द्र शर्मा का कहना है कि हमने एक साल पहले फायर एनओसी के लिए आवेदन किया था अब तक एनओसी नहीं मिली है। वहीं दूसरी तरफ नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि एनओसी किसी कमी के चलते अब तक जारी नहीं की गई होगी। बहरहाल गलती किसी की भी रही हो लेकिन जान आखिरकार एक आम आदमी को ही गंवानी पड़ी है।