
जयपुर। लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद जयपुर शहर में भी फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है। नगर निगम के हालिया सर्वे में सामने आया है कि शहर में बड़ी संख्या में व्यावसायिक और संस्थागत इमारतें बिना फायर एनओसी या अधूरी सुरक्षा व्यवस्थाओं के संचालित हो रही हैं। दरअसल, निगम के विशेष अभियान के दौरान मात्र 20 दिनों में 1,250 से अधिक इमारतें फायर एनओसी के बिना संचालित मिलीं। इनमें होटल, अस्पताल, मॉल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं।
सैकड़ों भवनों में आपातकालीन निकास मार्ग, फायर अलार्म, अग्निशमन यंत्र और विद्युत सुरक्षा जैसी अनिवार्य व्यवस्थाओं का अभाव पाया गया। जयपुर शहर के बहुमंजिला भवनों और भीड़भाड़ वाले परिसरों में सुरक्षा मानकों की अनदेखीकिसी भी आपदा की स्थिति में गंभीर खतरा बन सकती है। निगम के विशेष सर्वे में 139 कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया गया, जिनमें 45 संस्थान बिना फायर एनओसी के संचालित पाए गए। नियमों की अनदेखी पर दो कोचिंग सेंटरों को सील भी किया गया।
जयपुर शहर में गोपालपुरा, शास्त्री नगर, विद्याधर नगर, जगतपुरा, प्रताप नगर और रामगढ़ मोड़ जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं, जहां प्रतिदिन डेढ़ लाख से अधिक विद्यार्थी पहुंचते हैं। कई कोचिंग सेंटर बहुमंजिला भवनों, बेसमेंट और संकरी गलियों में संचालित हो रहे हैं। लेकिन अनेक संस्थानों में आपातकालीन निकास द्वार, फायर अलार्म, अग्निशमन यंत्र और सुरक्षित विद्युत व्यवस्था जैसे बुनियादी सुरक्षा इंतजाम तक पर्याप्त नहीं हैं। ऐसे में आगजनी या आपदा की स्थिति में विद्यार्थिय को सुरक्षित बाहर निकालना बड़ी चुनौती बन सकता है।
नगर निगम के मुख्य अग्निशमन अधिकारी गौतमलाल ने कहा कि हमने अभियान चलाकर होटल, कोचिंग सेंटर और व्यावसायिक इमारतों का सर्वे किया है। फायर एनओसी नहीं मिलने पर 1250 से अधिक संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं। दो कोचिंग सेंटर सील भी किए गए हैं। जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी।
बता दें कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में सोमवार दोपहर दो मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में भीषण आग लगने से तीन महिलाओं सहित 15 लोगों की मौत हो गई। जबकि 7 घायल है। यहां बिल्डिंग का निर्माण ही नियमों को ताक पर रखकर किया और जिम्मेदारों ने इस ओर कभी ध्यान नहीं दिया। मरने वालों में ज्यादातर विद्यार्थी थे, जो दूसरी मंजिल पर चल रही डिजिटल लाइब्रेरी और एनिमेशन सेंटर में मौजूद थे। आग ग्राउंड फ्लोर पर लगी और कुछ ही मिनटों में पूरी बिल्डिंग में फैल गई थी। शुरुआती जानकारी में आग लगने का कारण ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप में शार्ट सर्किट से आग लगना बताया जा रहा है। आग ने कुछ ही मिनटों में पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। उस समय बिल्डिंग में करीब 40 विद्यार्थी और कर्मचारी मौजूद थे।