
जयपुर
राजधानी के रामगंज इलाके में कोरोना वायरस पूरी तरह अपने पैर पसार चुका है। साथ ही आसपास के इलाकों से भी अब कोरोना मरीजों ( coronavirus In Jaipur ) का सामने आना जारी है। रामगंज में जब कोरोना वायरस के चंद मरीज सामने आए तो उस समय यहां के निवासियों में इस बीमारी को लेकर जागरूकता का अभाव था। जिसके कारण ये बीमारी लगातार फैलती चली गई। हालांकि गुरूवार का दिन रामगंज के लिए राहत भरा रहा। जहां हर रोज राजधानी जयपुर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है वहीं आज केवल 3 मामले पूरे जयपुर में सामने आए। जयपुर में कोरोना से एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत भी दर्ज हुई है।
कोरोना महामारी के मद्देनजर इनदिनों इलाके में महाकर्फ्यू लगा है। यहां सख्ती ऐसी है कि लोग घरों से बाहर भी कदम नहीं रख रहे हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से ही यहां राहत सामग्री बांटी जा रही है। मुख्य बाजारों के अलावा गलियों के बाहर भी पुलिसकर्मी और होमगार्ड के जवान तैनात हैं।
वायरल हुए फोटो और वीडियो तो खौफ दिलों में बैठा खौफ ( Coronavirus In Rajasthan )
लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या से स्थानीय लोग दहशत में हैं। इस बीमारी की चपेट में आने के बाद शहर में हुई मौतों ने हर किसी को झकझोर दिया है। जिसकी वजह ये है कि बीमारी के प्रकोप के चलते ऐसे मरीजों का अंतिम संस्कार भी धार्मिक परंपराओं से परे सरकारी गाइडलाइन के मुताबिक किया जा रहा है। जिससे परिजन मरने वाले के ठीक तरह से अंतिम दर्शन तक नहीं कर पा रहे हैं। कुछ ऐसी ही वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तो यह मंजर देखकर लोगों के दिल में खौफ ने अपनी जगह बना ही ली।
इस मंजर ने हिला दिया...
दरअसल, ये फोटोज और वीडियो जयपुर के घाटगेट कब्रिस्तान के हैं। जहां एक कोरोना पॉजीटिव मरीज की मौत के बाद उसे सुपुर्दे खाक किया जा रहा है। इस दौरान यहां चंद लोग ही मौजूद हैं। संक्रमण के डर के कारण इन लोगों को हिदायत दी गई थी कि मरने वाले के अंतिम दर्शन भी प्रोटोकॉल के तहत डबल लेयर शीट में ही किए जाएं। शव को हरगिज इस शीट से बाहर न निकाला जाए। मृतक की जनाजे की नमाज के लिए भी उसे एम्बुलेंस से बाहर नहीं निकाला गया। पांच लोगों ने उचित दूरी बनाकर ही इस नमाज को अदा किया। इसके अलावा संक्रमण के लिहाज से कब्र में दफनाते हुए भी धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप रस्में नहीं निभाई गईं, इस मंजर ने देखने वालों को हिला दिया।
समझाइश ने भी दिखाया अपना असर...
इस डर के कारण लोगों ने इस बीमारी के प्रकोप को करीब से जाना। नतीजा ये हुआ कि लोगों में जागरूकता आने लगी। दूसरी ओर पुलिस प्रशासन और स्थानीय विधायकों ने भी लोगों के साथ समझाइश की, उन्हें स्वंय मेडिकल टीम के समक्ष सामने आने और जांच कराने की बात समझाई। जिसका सकारात्मक असर ये दिखा कि आज आज दिनभर में पूरे जयपुर में केवल तीन पॉजीटिव मरीज ही सामने आए।
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