जयपुर। मनोहरपुर के टोडी गांव के ईंट भट्टों पर रहने वाली एक 10 वर्षीय बालिका की हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने हत्या के आरोप में बालिका के भाई व तीन अन्य आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने गैंगरेप के बाद बालिका की गला घोंटकर हत्या की थी एवं लाश को मिश्रवास के जंगलों में फेंक दिया था।
जयपुर। मनोहरपुर के टोडी गांव के ईंट भट्टों पर रहने वाली एक 10 वर्षीय बालिका की हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने हत्या के आरोप में बालिका के भाई व तीन अन्य आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने गैंगरेप के बाद बालिका की गला घोंटकर हत्या की थी एवं लाश को मिश्रवास के जंगलों में फेंक दिया था।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात सुलेश चौधरी ने बताया कि टोडी ईंट भट्टा पर तीन साल से रह रहे पीडि़ता के पिता ने 18 मई को मनोहरपुर थाने में अपनी 10 वर्षीय पुत्री के लापता होने का मामला दर्ज करवाया था। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया था। इसी दौरान 21 मई को बालिका के पिता को बालिका के पहने हुए कपड़े व चप्पल टोडी की पहाड़ी वन क्षेत्र में मिले। इस पर पुलिस ने टोडी, कुम्भावास, के करीब 4-5 किलोमीटर वन क्षेत्र में कटीले बबूल, उबड़-खाबड़ नालों में बालिका की तलाश शुरू की।
जिस जगह पर बालिका के कपड़े मिले थे, उसी स्थान से आगे जंगल की ओर सर्च अभियान चलाया गया। 21 मई को मिश्रवास गांव के जंगलों में बालिका की लाश बरामद हो गई। पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मृतका के निवास के आस-पास रहने वाले लोगों से पूछताछ की। संदेह के आधार पर बरेली निवासी शाजिद अली पुत्र हामिद अली, अमजद अली पुत्र जाहिद अली, वाजिद अली पुत्र हामिद अली एवं लड़की के भाई को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ करने पर के चारों आरोपियों ने गैंगरेप कर उसकी गला घोंटकर हत्या करना स्वीकार कर लिया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुलेश चौधरी ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि बालिका के दिव्यांग होने के कारण कपड़ों में ही शौच करती थी, जिससे पूरे परिवार में उसको बोझ की तरह समझा जाता था। चारों आरोपियों ने परिवार से इस बोझ को समाप्त करने के लिए उसे मारने की योजना बनाई थी। इसके बाद में इनके मन में घटना स्थल पर ज्यादती करने का विचार आ गया। इस पर पहले भाई ने फिर दोस्तों ने बालिका के साथ ज्यादती की।