Gas Supply System: एलपीजी वितरण में पारदर्शिता: e-KYC अनिवार्य, शादी समारोह के लिए खास राहत। गैस आपूर्ति व्यवस्था में बड़ा बदलाव, e-KYC से ही मिलेगी डिलीवरी।
LPG: जयपुर। राज्य में एलपीजी गैस वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बिना ई-केवाईसी (e-KYC) के किसी भी उपभोक्ता को गैस सिलेंडर की डिलीवरी नहीं की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य अपात्र व्यक्तियों को मिलने वाले लाभ पर रोक लगाना और वास्तविक जरूरतमंदों तक ही गैस आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
मंगलवार को मंत्रालय भवन में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में घरेलू एवं वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति व्यवस्था और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शनों के विस्तार पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में विभागीय अधिकारियों के साथ ऑयल एवं गैस मार्केटिंग कंपनियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में राज्य में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सुचारु रूप से जारी है, वहीं गैर-घरेलू क्षेत्रों में भी मांग के अनुरूप आपूर्ति में लगातार सुधार हो रहा है। औसतन 4.5 दिन के भीतर गैस सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है।
मंत्री गोदारा ने नवगठित नगरपालिकाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों को ग्रामीण श्रेणी में नहीं रखा जाए, क्योंकि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में गैस बुकिंग के अंतराल अलग-अलग होते हैं। इस वर्गीकरण में स्पष्टता से उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकेगा।
सामान्य जनजीवन को राहत देने के लिए विवाह समारोहों में गैस सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में विवाह के लिए 19 किलोग्राम के दो वाणिज्यिक सिलेंडर तथा शहरी क्षेत्रों में तीन सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए आवेदक को विवाह का कार्ड संलग्न कर संबंधित जिला रसद अधिकारी (DSO) को आवेदन देना होगा, जिसके बाद गैस एजेंसी के माध्यम से सिलेंडरों की व्यवस्था की जाएगी।
बैठक में पीएनजी कनेक्शनों के विस्तार पर भी विशेष जोर दिया गया। शासन सचिव श्री अम्बरीष कुमार ने बताया कि प्रदेश में पाइप्ड गैस नेटवर्क को तेजी से बढ़ाया जा रहा है, जिससे शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ और सुरक्षित ईंधन की उपलब्धता बढ़ेगी।
सरकार के इन फैसलों से जहां गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आएगी, वहीं आम उपभोक्ताओं को भी अधिक सुविधा और राहत मिलने की उम्मीद है।