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Weather Update 8 April: राजस्थान में आज थमा पश्चिमी विक्षोभ का असर, अगले 2-3 दिनों में 4 डिग्री तक बढ़ेगा तापमान

अब चढ़ेगा तापमान का पारा। बारिश के बाद बदलेगा मौसम, 9 अप्रैल से प्रदेश में शुष्क रहेगा मौसम। ठंडक से राहत खत्म, अगले 2-3 दिनों में 4 डिग्री तक बढ़ेगा तापमान।

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जयपुर

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Rajesh Dixit

Apr 08, 2026

Temperature Rise in Rajasthan: जयपुर। राजस्थान में बीते 24 घंटों के दौरान मौसम ने करवट लेते हुए कई जिलों में बारिश और मेघगर्जन का असर दिखाया। पूर्वी राजस्थान में अनेक स्थानों पर तथा पश्चिमी राजस्थान में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान जयपुर के शाहपुरा में सर्वाधिक 45 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जिससे स्थानीय स्तर पर तापमान में गिरावट देखने को मिली।

मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 9 डिग्री सेल्सियस तक नीचे दर्ज किया गया। वहीं चित्तौड़गढ़ में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस और पिलानी में न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सुबह 8:30 बजे के प्रेक्षण के अनुसार राज्य के अधिकांश भागों में हवा में नमी (आर्द्रता) 56 से 100 प्रतिशत के बीच रही।

हालांकि, अब मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। मौसम विभाग का कहना है कि आज दोपहर बाद पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव राज्य के अधिकांश क्षेत्रों से समाप्त हो जाएगा। इसके बाद केवल कोटा और भरतपुर संभाग में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है, जबकि शेष क्षेत्रों में मौसम मुख्यतः शुष्क बना रहेगा।

आगामी दिनों की बात करें तो 9 अप्रैल से अगले 4-5 दिनों तक पूरे राजस्थान में मौसम शुष्क रहने की प्रबल संभावना जताई गई है। इसके साथ ही तापमान में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी शुरू होगी। विशेषज्ञों के अनुसार अगले 2-3 दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है।

मौसम के इस बदलाव से दिन में गर्मी का एहसास बढ़ेगा, जबकि रात के तापमान में भी हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। ऐसे में लोगों को बदलते मौसम के अनुसार सतर्क रहने और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।

मुख्य मौसम तंत्र—देश में इस तरह रहेगा आगामी दिनों में मौसम

  • उत्तर पाकिस्तान एवं उससे सटे जम्मू-कश्मीर के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है और यह अब औसत समुद्र तल से 3.1 से 9.4 किमी के बीच देखा जा रहा है।
  • उत्तर-पूर्वी राजस्थान एवं आसपास के क्षेत्र में स्थित ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण अब उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश एवं आसपास के क्षेत्र में स्थित है और यह औसत समुद्र तल से 3.1 किमी तक विस्तृत है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ है।
  • उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश से मणिपुर तक बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, उत्तर बांग्लादेश, मेघालय, दक्षिण-पूर्व असम होते हुए एक पूर्व-पश्चिम ट्रफ (द्रोणी) बनी हुई है, जो औसत समुद्र तल से 1.5 किमी तक विस्तृत है।
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर स्थित ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण, जो औसत समुद्र तल से 1.5 किमी तक विस्तृत था, उपरोक्त ट्रफ में विलीन हो गया है।
  • दक्षिण-पश्चिम राजस्थान एवं उससे सटे दक्षिण पाकिस्तान के ऊपर एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण स्थित है, जो औसत समुद्र तल से 1.5 किमी तक विस्तृत है।
  • उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम, जिसकी मुख्य हवाओं की गति लगभग 125 नॉट्स है, औसत समुद्र तल से 12.6 किमी की ऊंचाई पर उत्तर भारत के ऊपर प्रवाहित हो रही है।
  • एक नया पश्चिमी विक्षोभ 11 अप्रैल, 2026 से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है।
  • मध्य पाकिस्तान के ऊपर प्रेरित ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण, जो औसत समुद्र तल से 1.5 किमी तक विस्तृत था, अब कमजोर हो गया है।