
तीन माह में 5 लाख डीपीएनजी कनेक्शन का लक्ष्य, सरकार ने बढ़ाई रफ्तार। रोजाना 3 हजार परिवारों को पाइपलाइन गैस से जोड़ने के निर्देश। एलपीजी से डीपीएनजी की ओर बदलाव: सस्ती और सुरक्षित गैस पर सरकार का फोकस।
PNG connection: जयपुर. राजस्थान में घरेलू गैस आपूर्ति के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। राज्य सरकार ने पाइपलाइन से घरेलू गैस (डीपीएनजी) कनेक्शनों की संख्या को तेज गति से बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। वर्तमान में जहां डीपीएनजी कनेक्शन करीब 1.25 लाख हैं, वहीं आगामी तीन माह में इसे बढ़ाकर 5 लाख तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने इस दिशा में सख्त निर्देश देते हुए राज्य में कार्यरत सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) संस्थाओं से कहा है कि वे प्रतिदिन औसतन 2,500 से 3,000 परिवारों को डीपीएनजी सुविधा से जोड़ें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन क्षेत्रों में गैस पाइपलाइन की आधारभूत संरचना तैयार हो चुकी है, वहां अधिक से अधिक घरों को इस सुविधा से जोड़ना केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार एलपीजी उपभोक्ताओं को पाइपलाइन गैस की ओर स्थानांतरित करना आवश्यक है। इसके साथ ही औद्योगिक और व्यावसायिक इकाइयों को भी प्राकृतिक गैस कनेक्शन से जोड़ने पर जोर दिया गया है, ताकि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिल सके।
मुख्य सचिव ने जिला कलेक्टरों को भी अहम जिम्मेदारी सौंपते हुए कहा कि वे अपने-अपने जिलों में जनजागरूकता अभियान चलाएं। लोगों को डीपीएनजी के फायदे—जैसे सस्ती दर, 24 घंटे उपलब्धता, बुकिंग की झंझट से मुक्ति, अधिक सुरक्षा और पर्यावरण के अनुकूल होने—के बारे में जानकारी दी जाए, ताकि वे स्वेच्छा से इस सुविधा को अपनाएं।
अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम अपर्णा अरोरा ने जानकारी दी कि राज्य के 17 भौगोलिक क्षेत्रों में 13 सीजीडी संस्थाएं कार्यरत हैं और इनके साथ समन्वय बनाकर नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि तय लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए सभी एजेंसियों को सक्रिय किया गया है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सचिव अम्बरीश कुमार ने कहा कि राज्य में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है और इसकी नियमित समीक्षा की जा रही है। वहीं राजस्थान स्टेट गैस के प्रबंध निदेशक रणवीर सिंह ने वर्तमान प्रगति और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
सरकार की इस पहल से न केवल गैस आपूर्ति प्रणाली में सुधार होगा, बल्कि लोगों को सुरक्षित, सस्ती और निरंतर गैस सुविधा भी मिल सकेगी। इसे राज्य में ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।