जयपुर

Give Up Campaign: राजस्थान में अब खाद्य सुरक्षा योजना में कोई भी पात्र वंचित न रहेगा, गिव-अप अभियान बना राष्ट्रीय मॉडल

Social Welfare Scheme: 54 लाख से अधिक लोगों ने छोड़ा लाभ, 11 लाख रिक्त स्थानों पर जुड़ेंगे नए पात्र परिवार। पारदर्शिता से मजबूत हो रही खाद्य सुरक्षा योजना, पात्रता सत्यापन तेज।

2 min read
Jan 29, 2026

Food Security Scheme: जयपुर. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने विधानसभा में स्पष्ट किया राजस्थान में खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संचालित “गिव-अप अभियान” देश का दूसरा ऐसा अभिनव मॉडल है, जिसे अन्य राज्यों द्वारा भी अपनाया जा रहा है।

मंत्री ने बताया कि अब तक 54 लाख 49 हजार 778 नागरिकों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना से अपना नाम हटाया है। अकेले बाड़मेर जिले से 1 लाख 56 हजार 654 लोगों ने गिव-अप किया है। इसके परिणामस्वरूप जरूरतमंद पात्र परिवारों को योजना में शामिल करने की प्रक्रिया तेज हुई है।

ये भी पढ़ें

Good News: गेहूं बिक्री के लिए 1 फरवरी से ऑनलाइन पंजीकरण शुरू, किसानों को मिलेगा ₹2,585 प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य

उन्होंने जानकारी दी कि 26 जनवरी 2025 को पोर्टल खोले जाने के बाद एक वर्ष की अवधि में बाड़मेर जिले में 3 लाख 8 हजार 429 नए पात्र लाभार्थियों के नाम जोड़े गए हैं, जो गिव-अप करने वालों की संख्या से लगभग दोगुना है। शिव विधानसभा क्षेत्र में 43,042 लोगों ने स्वेच्छा से योजना छोड़ी, जबकि 82 हजार से अधिक नए नाम जोड़े गए। वर्तमान में प्रदेशभर में लगभग 11 लाख स्थान रिक्त हैं, जिन पर पात्र व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं।

📌 यूं समझें योजना के बारे में

तथ्यविवरण
स्वेच्छा से योजना छोड़ने वाले नागरिक54.49 लाख
बाड़मेर जिले से गिव-अप करने वाले1.56 लाख
एक वर्ष में जुड़े नए पात्र लाभार्थी3.08 लाख
शिव विधानसभा क्षेत्र में जुड़े नए नाम82 हजार से अधिक
प्रदेशभर में उपलब्ध रिक्त स्थानलगभग 11 लाख
समावेशन श्रेणी में प्राप्त आवेदन1,525
पुनः योजना में शामिल परिवार802
जांच प्रक्रिया में लंबित आवेदन642
अनिवार्य प्रक्रियाआधार सीडिंग व ई-केवाईसी
पोर्टल पुनः खुलने की तिथि26 जनवरी 2025


प्रश्नकाल के दौरान विधायक रविंद्र सिंह भाटी के पूरक प्रश्नों के उत्तर में मंत्री ने बताया कि बाड़मेर जिले में योजना से पृथक हुए परिवारों से समावेशन श्रेणी के अंतर्गत 1,525 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 802 परिवारों को पुनः योजना में सम्मिलित किया गया, 81 आवेदन निरस्त किए गए तथा 642 आवेदन जांचाधीन हैं।


मंत्री ने यह भी बताया कि पात्र लाभार्थियों के सत्यापन के लिए आधार सीडिंग और ई-केवाईसी की प्रक्रिया तेज की गई है। यदि कोई लाभार्थी तीन माह के भीतर ई-केवाईसी पूर्ण नहीं करता है तो नियमानुसार उसका नाम हटाया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाड़मेर जिले में हटाए गए परिवारों का अलग से सर्वे कराने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। विभागीय आदेश के तहत 26 जनवरी 2025 से पोर्टल पुनः खोल दिया गया है, ताकि नए वंचित पात्र परिवार योजना से जुड़ सकें।

ये भी पढ़ें

Food Safety: राजस्थान के इस शहर में 43,421 लीटर संदिग्ध घी जब्त, फर्म पर बड़ी कार्रवाई

Published on:
29 Jan 2026 09:16 pm
Also Read
View All

अगली खबर