भीलवाड़ा के गोवटा बांध से दौड़ी खुशियां: बीसलपुर की प्यास को बुझाने की जगी आस, गोवटा बांध का पानी त्रिवेणी नदी में मिलेगा, त्रिवेणी भरती है बीसलपुर को, जयपुर, अजमेर और टोंक की उम्मीद कर सकती पूरा
जयपुर-अजमेर और टोंक के लिए खुशखबरी। बीसलपुर बांध की खाली झोली भरने के लिए खुशियां दौड़ पड़ी है। यह खुशी गोवटा बांध पर चल रही पांच इंच की चादर लेकर आई है। गोवटा बांध छलकने के बाद उसका पानी त्रिवेणी नदी की ओर तेजी से बढ़ रहा है। त्रिवेणी का पानी बीसलपुर बांध पहुंचेगा। बीसलपुर बांध को भरने में भीलवाड़ा का अहम योगदान है। इससे एक बार फिर तीन जिलों की प्यास पूरा करने की उम्मीद बंधी है।
जिले में सबसे पहले गोवटा बांध छलकता है। इस बार आधा सावन बीतने के बाद गोवटा छलका है। इस समय 27 फीट की भराव क्षमता वाले इस बांध पर पांच इंच की चादर चल रही है। गोवटा से पहले इस बार बिजौलियां क्षेत्र का जूट का नाका बांध लबालब हुआ। गोवटा का पानी त्रिवेणी नदी में आकर मिलता है। इस समय बीसलपुर को लेकर लोगों की नजर त्रिवेणी पर है। अभी तक त्रिवेणी में पानी नहीं आने से वह चल नहीं पाई। उधर, चित्तौड़गढ़-कोटा राजमार्ग पर प्रसिद्ध मेनाल जलप्रपात इस समय पूरे वेग के साथ बह रहा है। ऐसे में मेनाल का पानी गोवटा बांध में आकर मिलता है।
बीसलपुर बांध सहित आसपास के क्षेत्र में बीते दो दिनों से मानसून की मेहरबानी के चलते पानी की आवक हुई है। बांध परियोजना के अधिशासी अभियंता मनीष बंसल ने बताया कि बांध के गेज में बीते दो दिन के दौरान गेज में कुल एक मीटर 23 सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वही पानी की आवक अभी तक लगातार जारी रहने की संभावना है। बीसलपुर बांध का गेज में मंगलवार शाम 311.39 आर एल मीटर दर्ज किया गया है।