
Food Security Scheme Update : फरवरी में सर्वर में तकनीकी खराबी और घटिया आइरिस स्कैनर से लाभार्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं होने के कारण गेहूं के लैप्स होने की नौबत आ गई थी। शुक्रवार को पत्रिका में खाद्य सुरक्षा योजना-बायोमेट्रिक सत्यापन ठप, आइरिस स्कैनर फेल शीर्षक से प्रकाशित समाचार प्रकाशित होने के बाद मामले को खाद्य विभाग के प्रमुख सचिव सुबीर कुमार ने गंभीर माना है।
प्रमुख सचिव सुबीर कुमार ने बताया कि लाभार्थियों के हक का फरवरी का गेहूं लैप्स नहीं हो इसके लिए वितरण की समय सीमा को अब 10 मार्च तक बढ़ा दिया है। इस संबंध में विभाग के उप सचिव ब्रह्मलाल जाट ने आदेश जारी कर दिए हैं। हालांकि घटिया आइरिस स्कैनर की खरीद की जांच को लेकर विभाग के आला अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
पत्रिका ने इस समस्या को अपने अंक में उठाया था। मामला कुछ इस तरह था। जयपुर जिले में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत जरूरतमंद लाभार्थियों के लिए गेहूं का मिलना आसान होता नहीं दिख रहा है। जिले में जयपुर शहर सहित ग्रामीण इलाकों में 1900 राशन दुकानों पर महीनेभर से लाभार्थियों के वेइंग मशीन से बायोमैट्रिक सत्यापन में दिक्कत आ रही है। डीलर्स ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत लाभार्थियों को गेहूं देने के लिए दुकानों पर विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए आइरिस स्कैनर से सत्यापन शुरू किया। परंतु इन स्कैनर से लाभार्थियों के बायोमैट्रिक सत्यापन नहीं हो रहे। लाभार्थियों का सत्यापन नहीं होने से गेहूं वितरण का काम ठप है।