
आईफोन पर सियासत कम होने का नाम नहीं ले रही है। भाजपा के 58 विधायकों ने अपना आईफोन लौटा दिया है। इसी बीच भाजपा विधायक वासुदेव देवनानी ने बड़ा बयान दिया है। विधानसभा के बाहर देवनानी ने कहा कि आईफोन में चिप लगाकर सरकार विधायकों की जासूसी करा सकती है, इसलिए फोन लौटाने के पीछे एक कारण यह भी है।
देवनानी ने कहा है कि विधायकों का फोन लौटाना कांग्रेस के मुंह पर एक तमाचा है क्योंकि आप फोन में चिप लगाकर लोगों की पर्सनल लाइफ में हस्तक्षेप करने का षड्यंत्र कर रहे हो और भाजपा इसे पूरा नहीं होने दे रही है। देवनानी ने यह भी कहा कि मौजूदा तकनीक के जरिए इस तरह के फोन से किसी की जासूसी करना संभव है। यदि सरकार को यह फोन देना ही था तो पहले बजट के दौरान क्यों नहीं दिया। अब चौथे बजट में इसकी याद क्यों आई। आईफोन को वापस करने को लेकर आ रहे कांग्रेस के बयान पर देवनानी ने कहा कि बीजेपी विधायक इस मामले में एक मत हैं और इसमें किसी तरह का कोई विरोधाभास नहीं है।
अपने संभल नहीं पा रहे दूसरों को शामिल करके क्या करेंगे
भाजपा को विधायकों की खरीद-फरोख्त के डर के सवाल पर देवनानी ने कहा कि इनसे तो अपने ही विधायक नहीं संभल पा रहे हैं। दूसरों को शामिल करके क्या करेंगे। कांग्रेस एक दबी हुई राख के समान है जिसमें से कभी भी चिंगारी आ सकती है और सैकड़ों नाराज कांग्रेस नेता और विधायकों का विरोध फूट सकता है।
यह रावत का व्यक्तिगत विचार
ब्यावर से भाजपा विधायक शंकर सिंह रावत ने वसुंधरा राजे को आगामी मुख्यमंत्री बताने के बान पर देवनानी ने कहा भाजपा ने अभी कुछ भी तय नहीं किया है। यह रावत का व्यक्तिगत विचार हो सकता है। रावत ने अपने हिसाब से कुछ बयान दिया होगा और इसका गलत अर्थ नहीं निकालना चाहिए।