
राजस्थान में निकाय चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच चुकी है और सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच तीखी बयानबाजी का दौर लगातार जारी है। इसी चुनावी माहौल के बीच राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) पर बेहद गंभीर और अनैतिक दबाव बनाने के आरोप लगाकर प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मचा दिया है। डोटासरा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए एक तीखा पोस्ट साझा करते हुए आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारियों का दुरुपयोग किया जा रहा है और कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों पर अनुचित दबाव डाला जा रहा है।
डोटासरा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में सीधे तौर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान सीएमओ (CMO) के आधिकारिक हैंडल को टैग करते हुए तीखे सवाल पूछे हैं, जिससे राज्य का राजनीतिक पारा अचानक चढ़ गया है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया है कि राज्य का मुख्यमंत्री कार्यालय अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर रहा है। चुनावी प्रक्रिया में लगे जिला कलेक्टर (DM) और उपखंड अधिकारी (SDM) जैसे शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों पर निष्पक्ष काम न करने का दबाव डाला जा रहा है।
डोटासरा का कहना है कि प्रशासनिक तंत्र को स्वतंत्र रूप से कार्य करने देने के बजाय राजनीतिक मंशा से नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है, जो सीधे तौर पर चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।
अपने बयानी हमले को और तेज करते हुए गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि चुनाव मैदान में भाजपा के पास जिताऊ उम्मीदवारों का टोटा पड़ा हुआ है। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों के माध्यम से भाजपा के संभावित प्रत्याशियों के फॉर्म मांगे जा रहे हैं और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निकाय चुनाव में किस्मत आजमा रहे कांग्रेस के मजबूत दावेदारों और उनके परिवारजनों को डराने-धमकाने का काम किया जा रहा है, ताकि वे अपना नामांकन वापस ले लें या चुनावी मुकाबले से हट जाएं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किए गए अपने पोस्ट के जरिए गोविंद सिंह डोटासरा ने सीधे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से सवाल पूछा कि राजस्थान जैसे शांतिप्रिय राज्य में यह किस प्रकार की लोकतांत्रिक व्यवस्था स्थापित की जा रही है?
उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना शासन की जिम्मेदारी होती है, लेकिन वर्तमान में निष्पक्षता को ताक पर रखकर काम किया जा रहा है। जनता सब देख रही है और आने वाले निकाय चुनाव में मतदाता इसका माकूल जवाब देंगे।
डोटासरा के इन संगीन आरोपों के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग और तीखी होने के आसार बन गए हैं। एक तरफ जहां कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक उठाने की तैयारी में है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक महकमे और भाजपा खेमे की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
राजस्थान निकाय चुनाव 2026 की निष्पक्ष जानकारी, मतदाता सूची और आधिकारिक चुनाव दिशा-निर्देशों के लिए अधिकृत सरकारी डिजिटल पोर्टल्स का अवलोकन करें:
राज्य निर्वाचन आयोग की गाइडलाइंस के लिए State Election Commission Rajasthan Portal का अवलोकन करें।
राज्य के प्रशासनिक फैसलों के लिए Rajasthan State Government Portal पर विजिट करें।