
जयपुर। राजस्थान की राजनीति में रीट-2021 पेपर लीक मामला एक बार फिर गरमा गया है। कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र भेजकर पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए कथित पेपर लीक की जांच की मांग करने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने भाजपा सरकार पर राजनीतिक द्वेष से काम करने का आरोप लगाया और कृषि विभाग में कथित 500 करोड़ रुपए के घोटाले का मुद्दा उठाते हुए मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को खुली चुनौती दे डाली।
डोटासरा ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में लिखा, "उन तमाम लोगों पर धिक्कार है, जो राजनीतिक द्वेषतापूर्वक मुझ पर अनर्गल आरोप लगाते हैं और लगवाते हैं। अगर पांच साल में भी आरोप साबित नहीं कर पाए, तो ऐसे लोगों पर लानत है, जो मेरी छवि धूमिल करने के लिए दिन-रात षड्यंत्र करते हैं।" उन्होंने आगे कहा, "अगर हिम्मत है तो मुझ पर लगे आरोपों की जांच कराओ और भाजपा सरकार में कृषि विभाग में हुए 500 करोड़ के भ्रष्टाचार पर मंत्री का नार्को टेस्ट भी कराओ।"
मीडिया से बातचीत में डोटासरा ने कहा कि पिछले करीब पांच वर्षों से उनके खिलाफ लगातार आरोप लगाए जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई भी आरोप साबित नहीं हो सका। उन्होंने कहा, "ढाई साल पहले के और ढाई साल अब मिलाकर पांच साल हो गए, लेकिन अगर गोविंद डोटासरा को नहीं पकड़ पाए तो इसका मतलब साफ है कि मैंने कोई पेपर लीक नहीं किया।"
उन्होंने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच करानी है तो दोनों पक्षों का नार्को टेस्ट कराया जाए। डोटासरा ने कहा, "कृषि विभाग के मामले में किरोड़ी लाल मीणा का नार्को टेस्ट करा लो और पेपर लीक मामले में मेरा नार्को टेस्ट करा लो। कोर्ट में लिखकर देने को भी तैयार हूं, तब पता चल जाएगा कि कौन किससे मिला हुआ है।"
डोटासरा ने भाजपा सरकार पर हमला तेज करते हुए कहा कि कृषि विभाग में "500 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है, छोटा-मोटा मामला नहीं है।" उन्होंने दावा किया कि यदि सरकार वास्तव में भ्रष्टाचार के खिलाफ है तो इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए।
इसी दौरान उन्होंने मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर व्यक्तिगत हमला बोलते हुए कहा, "जब एक आईपीएस अधिकारी ने फोन करके गिरफ्तारी की आशंका जताई तो ये सट्टा-गोपाली करके आ गए। वो हमसे क्या बात करेंगे, क्या आंख मिलाएंगे?" डोटासरा ने आरोप लगाया कि अपनी राजनीतिक जिम्मेदारी से बचने के लिए उन पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं।
दरअसल, कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भेजकर रीट-2021 पेपर लीक मामले की व्यापक जांच की मांग की है। पत्र में पूर्व मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा और सुभाष गर्ग सहित कई नामों का उल्लेख करते हुए विभिन्न दस्तावेज और तस्वीरें भी भेजे जाने का दावा किया गया है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि राजीव गांधी स्टडी सर्किल से जुड़े लोगों की भूमिका कई भर्ती परीक्षाओं में संदिग्ध रही और रीट-2021 की गोपनीय प्रक्रिया में भी गंभीर अनियमितताएं हुईं। साथ ही पेपर प्रिंटिंग प्रेस के चयन और कथित आर्थिक लेनदेन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
उधर, देशभर में परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने भी सख्ती दिखाई है। नीट पेपर लीक प्रकरण के बाद संसद में परीक्षा सुधार संबंधी विधेयक पेश किया गया है, जिसमें परीक्षा में धांधली करने वालों के लिए 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। साथ ही चार्जशीट दाखिल होने के तीन महीने के भीतर ट्रायल पूरा करने और परीक्षा केंद्रों व डिजिटल सिस्टम की कड़ी निगरानी की व्यवस्था का भी प्रस्ताव है।