
जयुपर। प्रदेशभर के माध्यमिक शिक्षा के स्कूलों के लिए अच्छी खबर है। अब इन स्कूलों के विद्यार्थियों को स्कूल में इंटरनेट की सुविधा मिलेगी। इसके लिए अलग से कम्प्यूटर लैब भी होंगे। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान की ओर से इन स्कूलों को बजट देने की स्वीकृति भी मिल गई है। प्रदेश के 6873 स्कूलों को ये सुविधा मिलेगी। जिसमें जयपुर के भी 368 स्कूलों को शामिल किया गया है। लेकिन सबसे अधिक 476 स्कूल अलवर जिले के होंगे।
6873 स्कूलों में लगेंगे इंटरनेट कनेक्शन
प्रदेश के 6873 स्कूलों में इंटरनेट कनेक्शन की सुविधा दी जाएगी। ये वे स्कूल हैं, जिनमें पहले से इंटरनेट की सुविधा नहीं थी और बिना सुविधा के विद्यार्थियों को परेशान होना पड़ रहा था। अब इन स्कूलों में इंटरनेट कनेक्शन व अन्य सुविधाओं के लिए 7 करोड़ 12 लाख 38 हजार 645 रुपए की राशि राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान की ओर से स्वीकृत की गई है।
सबसे अधिक स्कूल अलवर में
प्रदेश में इंटरनेट कनेक्शन के लिए सबसे अधिक अलवर जिले के स्कूलों का चयन हुआ है। अलवर जिले के 476 स्कूलों में यह सुविधा दी जाएगी। इसके लिए राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान की ओर से प्रत्येक स्कूल को 10 हजार 365 रुपए की राशि हस्तांतरित की जा रही है।
जिलेवार स्कूलों की संख्या
अजमेर जिले में 156, अलवर 476, बांसवाड़ा 271, बारां 163, बाडमेर 441, भरतपुर 152, भीलवाड़ा 178, बीकानेर 175, बूंदी 152, चित्तौडग़ढ़ 243, चूरू 287, दौसा 217, धौलपुर 140, डूंगरपुर 228, हनुमानगढ़ 158, जयपुर 368, जैसलमेर 44, जालोर 182, झालावाड़ 230, झुन्झूनु 127, जोधपुर 289, करौली 114, कोटा 177, नागौर 422, पाली 226, प्रतापगढ़ 60, राजसमंद 137, सवाईमाधोपुर 183, सीकर 304, सिरोही 95, श्रीगांगानगर 136, टोंक 124 और उदयपुर के 218 स्कूलों का चयन हुआ है।
व्यावसायिक शिक्षा का स्कूलों में बढ़ेगा दायरा
स्कूलों मे पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें क्षेत्र के अनुसार स्कूलों में रोजगार परक शिक्षा दी जाएगी। इस व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रम के जरिए विद्यार्थियों को स्कूल स्तर से ही अलग—अलग क्षेत्रों में दक्ष बनाया जाएगा। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान स्कूलों में व्यावसायीकरण योजना के तहत आगे बढ़ा रहा है। सरकार ने प्रदेश के स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा का दायरा बढ़ाया है। व्यावसायीकरण की योजना शैक्षिक अवसरों की विविधता प्रदान करती है, इसी के तहत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में इसे शुरू किया जा रहा है।
गौरतलब है कि प्रदेश के अभी 720 स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा चल रही है। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की भी कक्षा 10 और 12 में बोर्ड परीक्षाएं होती हैं। अब सरकार इन योजना को हरेक जिले के प्रमुख स्कूलों में शुरू करने की योजना बना रही है। कक्षा 9 का नामांकन रहेगा आधार स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू करने के लिए कक्षा 9 का नामांकन आधार रहेगा। इसके लिए स्कूल में अलग से कक्षा कक्षों की उपलब्धता भी बतानी होगी।