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Rajasthan : डामर की कीमतों में भारी उछाल, ₹1100 करोड़ के टेंडर अटके, पर खस्ताहाल सड़कों पर देना पड़ रहा पूरा टोल

Rajasthan : महंगे डामर के कारण टेंडर की दरें निर्धारित दरों से 26 फीसदी तक ज्यादा आई हैं। ऐसे में 16 स्टेट हाइवे की सड़कों के लिए 1100 करोड़ रुपए से अधिक के टेंडर अटक गए है।
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जयपुर

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 2 Nov 2026, 5:40 PM IST

rajasthan bitumen prices increased but dilapidated roads pay full toll

Rajasthan : खराब सड़क व टोल। फोटो पत्रिका

Rajasthan : जयपुर. पश्चिम एशिया तनाव का असर अब राजस्थान की सडकों पर भी दिखाई देने लगा है। पेट्रोल-डीजल, एलपीजी और अन्य क्षेत्रों के बाद डामर की कीमतों में भारी उछाल आया है। डामर की कीमतें 150 फीसदी तक बढ़ने से राजस्थान राज्य सड़क विकास निगम (आरएसआरडीसी) की 16 टोल सड़कों के रख-रखाव और नवीनीकरण के टेंडरों की अनुमानित लागत और डामर के मौजूदा बाजार भाव ने नवीनीकरण का गणित बिगाड़ दिया है। महंगे डामर के कारण टेंडर की दरें निर्धारित दरों से 26 फीसदी तक ज्यादा आई हैं। ऐसे में 16 स्टेट हाइवे की सड़कों के लिए 1100 करोड़ रुपए से अधिक के टेंडर अटक गए है।

खस्ताहाल सड़कों पर टोल पूरा

राजस्थान में बारिश के बाद स्टेट हाईवे व अन्य सड़कों की हालत खराब है। फिर भी इन खस्ताहाल सड़कों पर रोज गुजरने वाले लाखों वाहन चालकों को पूरा टोल देना पड़ता है। खस्ताहाल सड़कों पर चलने के कारण वाहनों में नुकसान तो हो ही रहा है, साथ ही टोल से जेब भी खाली हो रही है।

30 किलोमीटर चलने में लग रहा 1 घंटा

पत्रिका की पड़ताल में सामने आया है कि टोल वाले स्टेट हाइवे की सड़कों पर वाहन चलाना मुश्किल हो गया है। महुआ-हिन्डौन टोल सड़क पर हिन्डौन पहुंचने में एक घंटे से ज्यादा समय लग रहा है। प्रदेश में स्टेट हाईवे की लगभग सभी सड़कों पर ऐसी स्थिति सामने आ रही है।

इन स्टेट हाईवे की बोओटी सड़क पर असर

1- चौमू-महला
2- डबोक-मावली-कपासन-चित्तौडगढ़
3- खीर की चौकी-सलूम्बर
4- हनुमानगढ़-सूरतगढ़
5- महुआ-हिन्डौन

दरें ज्यादा आने से टेंडर अटके

असल में सड़कों के रखरखाव और नवीनीकरण के लिए जिन 16 स्टेट हाईवे की सड़कों के टेंडर जारी हुए। इनमें से ज्यादातर टेंडर ज्यादा दरें आने के कारण अटके हुए हैं। उधर अफसरों ने नवीनीकरण के टेंडर अटकने पर किसी तरह से अलग-अलग टोल सेक्शन पर खस्ताहाल सड़कों की दशा सुधारने के लिए पेचवर्क के टेंडर जारी किए। लेकिन संवेदक डामर की बढ़ी हुई कीमतों के कारण पेचवर्क के टेंडर लेने के लिए भी तैयार नहीं है।