
जयपुर.
गुर्जर आरक्षण का मसला सरकार से सुलझ नहीं रहा है। सरकार के साथ शुक्रवार शाम को गुर्जर नेताओं के वार्ता एक बार फिर फेल हो गई। गुर्जर नेताओं ने सरकार पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया और सरकार का विरोध जारी रखने का निर्णय किया। सरकार के साथ पहले दिन में सचिवालय में गुर्जर नेताओं से बैठक रखी गई थी। इस बैठक में कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला या उनका कोई समर्थक नहीं पहुंचा। महज गुर्जर नेता हिम्मत सिंह सचिवालय पहुंचे। ऐसे में सरकार की ओर से कोरम पूरा नहीं होना बताकर बैठक स्थगित कर दी गई।
बैठक में यह आला अधिकारी रहे मौजूद
इसके बाद उच्च स्तर से बैसला से बात की गई, जिसके बाद बैसला के प्रतिनिधि शाम करीब सवा छह बजे सचिवालय पहुंचे। इसके बाद मुख्य सचिव डी बी गुप्ता की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें मेडिकल विभाग की एसीएस वीनू गुप्ता, एसीएस गृह शैलेंद्र सिंह, एडीजी क्रााइम पी के सिंह, कार्मिक विभाग के सचिव भास्कर ए सावंत, शिक्षा विभाग के सचिव नरेश पाल गंगवार, समेत अन्य विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।
19 मई को हुए समझौते से सरकार मुकर रही है
बैठक के बाद वकील शैलेंद्र सिंह ने कहा कि 19 मई को हुए समझौते से सरकार मुकर रही है। नर्सिंग भर्ती 2013 के बारे में विधिक राय लेने की बात कहकर सरकार अपने वादे से मुकर रही है। इस मामले में सरकार को सुप्रीम कोर्ट नहीं जाना चाहिए। हम विधिक राय के खिलाफ हैं। पुरानी भर्तियों में हम 4 फीसदी आरक्षण लेकर ही रहेंगे और इसे लेकर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। ऐसे में हमारा सरकार का विरोध जारी रहेगा।
गौरतलब है कि राजस्थान में लम्बे समय से गुर्जर समाज आरक्षण की मांग कर रहा है। इस मामले में कई बार समाज की ओर से आंदोलन भी किया गया है। बड़े पैमाने पर हुए इन आंदोलनों में काफी जन-धन की हानी भी हो चुकी है।