शेखावाटी अंचल के तीन जिलों में यमुना जल प्रोजेक्ट के तहत पीने और सिंचाई के लिए जल्द पानी मिलने वाला है। हरियाणा के ताजेवाला हेड से यमुना जल प्रोजेक्ट के तहत होंगे कार्य
Yamuna Jal Project: राजस्थान के शेखावाटी अंचल में यमुना का पानी लाने के लिए पहले हरियाणा से राजस्थान बॉर्डर तक पाइप लाइन बिछाने पर काम होगा। ताजेवाला हेड से अलग-अलग तीन लाइन करीब 253 किलोमीटर लंबाई में बिछाई जाएंगी। इसके बाद शेखावाटी के तीनों जिले चूरू, झुंझुनूं, सीकर तक का अलाइनमेंट तय करेंगे। राज्य सरकार ने इसी दिशा में काम शुरू कर दिया है।
1994 में राजस्थान, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश एवं नई दिल्ली के बीच हुए यमुना जल समझौते के तहत ताजेवाला हैड पर मानसून अवधि में 1917 क्यूसेक जल राजस्थान को आवंटित किया गया था। आवंटित जल को राजस्थान लाने के लिए 30 वर्षों से गतिरोध बना हुआ था। सीएम भजनलाल शर्मा के प्रयासों से यह गतिरोध दूर हुआ। पहले चरण में चूरू, सीकर, झुंझुनूं व अन्य क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति होगी। दूसरे चरण में चूरू जिले में 35000 हेक्टेयर और झुंझुनूं जिले में 70,000 हेक्टेयर में सिंचाई के लिए पानी दिया जाएगा।
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ताजे वाला हैड से यमुना का पानी शेखावाटी आने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। यह पानी तीन पाइप लाइनों के माध्यम से लाया जाएगा। पाइप लाइन बिछाने के लिए जमीन का अधिग्रहण नहीं होगा। ऐसे में समय बचेगा। यमुना जल समझौते की डीपीआर को लेकर गठित संयुक्त टास्क फोर्स की दूसरी बैठक में यह निर्णय किया गया।
पिलानी के सीरी में रविवार को हुई बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने की। पाइप लाइन डालते समय किसानों की फसल में जो खराबा होगा, उसका मुआवजा हरियाणा व राजस्थान दोनों सरकार मिलकर देंगी। डीपीआर के लिए गठित संयुक्त टास्क फोर्स की पहली बैठक 7 अप्रेल को यमुनानगर में हो चुकी है। दूसरी बैठक रविवार को पिलानी में हुई। अब तीसरी व अंतिम बैठक लगभग एक माह के बाद होगी। बैठक में मंत्री सुरेश सिंह रावत, अविनाश गहलोत, झाबर सिंह खर्रा सहित राजस्थान और हरियाणा के अधिकारी मौजूद रहे।
प्रोजेक्ट में मुख्य रिजर्व वॉयर चूरू जिले के हांसियावास में बनाए जाएंगे। अन्य रिजर्व वॉयर स्थलों के चिह्नित करने का काम चल रहा है। झुंझुनूं जिले की बुहाना तहसील में भी अतिरिक्त स्टोरेज रिजर्व वॉयर बनेंगे।
पहले चरण में चूरू, सीकर, झुंझुनूं व अन्य क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति होगी।
दूसरे चरण में चूरू जिले में 35000 हेक्टेयर और झुंझुनूं जिले में 70000 हेक्टेयर में सिंचाई के लिए पानी दिया जाएगा।