
जयपुर. शरीर को फिट रखने के लिए हर उम्र के लोग जिम जॉइन करते हैं। लेकिन मात्र 35 साल के युवक की जिम के पहले ही दिन जान चली जाए तो यह बड़े खतरे का अलर्ट है। राजधानी में ऐसा ही वाकया सामने आया है। युवक ने मंगलवार को जिम जॉइन किया, लेकिन कुछ ही देर बाद अचानक दर्द के बाद तबीयत बिगड़ने पर युवक को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका। मामला दर्ज न होने से मौत के कारणों को लेकर आधिकारिक मेडिकल पुष्टि नहीं हुई है।
जयपुर के जिम में एक युवक की मौत का मामला प्रारंभिक तौर पर हार्ट से जुड़ी समस्या की ओर इशारा कर रहा है, लेकिन केवल हार्ट अटैक मानना भूल भी हो सकती है।
सवाल है कि पहली बार जिम या फिटनेस सेंटर जाने वालों से हैवी एक्सरसाइज करवाने से पहले मेडिकल हिस्ट्री, ब्लड प्रेशर, हृदय संबंधी जोखिम और मेडिकल टेस्ट की जानकारी ली जाती है या नहीं? एक बिजनेस-डेटा सर्वे के अनुसार, अप्रैल 2026 में जयपुर में करीब 700 जिम थे, जिनमें करीब 70 हजार से एक लाख तक विजिट का अनुमान है।
लंबे समय से निष्क्रिय व्यक्ति को चिकित्सक की सलाह से एक्सरसाइज धीरे-धीरे शुरू करना चाहिए।
नोट: अपनी जीवनशैली, खानपान, मौजूदा स्वास्थ्य समस्याओं और परिवार की मेडिकल हिस्ट्री के अनुसार जिम या हैवी एक्सरसाइज शुरू करने से पहले मेडिकल एक्सपर्ट की सलाह लेनी चाहिए।
कुछ वर्ष पहले एक चिकित्सक की ट्रेडमिल पर एक्सरसाइज के दौरान मौत हो चुकी है। जुलाई 2026 में 40 वर्षीय डॉक्टर की मौत हो गई। प्रारंभिक तौर पर हार्ट अटैक को मौत का कारण माना गया। सितंबर 2025 में जयपुर निवासी 48 वर्षीय व्यक्ति को घबराहट के बाद एसएमएस अस्पताल ले जाया गया, जहां ईसीजी में हार्ट अटैक की पुष्टि रिपोर्ट की गई। इनके अलावा कुछ वर्षों में जयपुर के कई अन्य चिकित्सक भी अचानक हार्ट फेल होने से जान गंवा चुके हैं।
जिम जॉइन करने से पहले मेडिकल हिस्ट्री की जांच, मेडिकल सुरक्षा, प्रशिक्षकों की दक्षता, वेंटिलेशन-लाइटिंग, उपकरणों की नियमित जांच, पर्याप्त फर्स्ट-एड किट और एईडी यानी ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर की उपलब्धता देखें। अचानक कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक एक ही नहीं हैं। कार्डियक अरेस्ट में व्यक्ति कुछ ही क्षणों में बेहोश हो सकता है। तुरंत सीपीआर व एईडी से डिफिब्रिलेशन जीवनरक्षक साबित हो सकते हैं।
(कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. दीपक माहेश्वरी और डॉ. जी.एल. शर्मा के अनुसार)