
AI-generated image of 80s-retro-photo-trend-cyber-scam
मोहित शर्मा
आजकल हर किसी के सोशल मीडिया अकाउंट पर 80s की फोटो ट्रेंड कर रही है। लोग अपनी और अपने परिवार की तस्वीरों को पुराने जमाने के लुक में बदलवाकर शेयर कर रहे हैं। लेकिन सावधान! यह साइबर ठगी हो सकती है। राजस्थान सहित देशभर में अभी तक करोड़ों लोगों ने ये फोटो बनवा ली है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे 1980s रेट्रो फोटो ट्रेंड ने अब ‘Nostalgia Scam’ (नॉस्टेल्जिया स्कैम) का रूप ले लिया है। और ठग इसी नॉस्टेल्जिया का फायदा उठा रहे हैं। साइबर ठग पुरानी यादों के नाम पर फर्जी लिंक और मैलिशियस APK फाइलें भेजकर लोगों के फोन हैक कर रहे हैं। OTP, बैंकिंग डिटेल्स और निजी जानकारी चुराकर बैंक खाते खाली किए जा रहे हैं। झारखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों की पुलिस ने इस खतरे को लेकर आधिकारिक चेतावनी जारी की है।
बोकारो साइबर थाना प्रभारी पवन कुमार ने लोगों को AI ट्रेंड के प्रति सावधान रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि फोटो अपलोड करने से पहले ऐप की प्राइवेसी पॉलिसी जरूर चेक करें। अनजान प्लेटफॉर्म पर साफ चेहरे वाली तस्वीर अपलोड करने से फेस डेटा चोरी, डीपफेक और फर्जी प्रोफाइल बनने का खतरा बढ़ जाता है। साइबर पुलिस ने छह महत्वपूर्ण सावधानियां बताई हैं - सिर्फ विश्वसनीय ऐप इस्तेमाल करें, निजी दस्तावेजों की फोटो न दें और जरूरत से ज्यादा परमिशन न दें।
हिमाचल पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी के नेतृत्व में स्टेट CID साइबर क्राइम ब्यूरो ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि 80 के दशक की रेट्रो तस्वीरें अनजान AI ऐप पर अपलोड न करें। इससे डीपफेक वीडियो, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट और ब्लैकमेलिंग का खतरा पैदा हो सकता है। डीजीपी ने कहा - “सोचें, समझें, फिर अपलोड करें।” बच्चों और महिलाओं की निजी तस्वीरें साझा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें।
मुरादाबाद में एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह और साइबर एक्सपर्ट्स ने बताया कि ठग “1980 स्टाइल फोटो बनाएं” जैसे मैसेज के साथ APK फाइल भेज रहे हैं। लिंक क्लिक करते ही फोन हैक हो जाता है। साइबर थाने के प्रशांत सिंह ने कहा कि अनजान ऐप को गैलरी, कैमरा और कॉन्टैक्ट की परमिशन देने से निजी डेटा चोरी हो सकता है। पुलिस ने सलाह दी है कि फर्जी लिंक डाउनलोड न करें और सिर्फ प्रमाणित प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें।
इन तीन राज्यों के अलावा तेलंगाना (TGCSB) और कर्नाटक पुलिस ने भी इसी Nostalgia Scam को लेकर आधिकारिक एडवायजरी जारी की है।
लोग अपनी असली हाई-क्वालिटी फोटो ChatGPT या अन्य AI टूल्स पर अपलोड कर रहे हैं। इससे चेहरे का बायोमेट्रिक डेटा लीक हो सकता है। डीपफेक बनाने, पहचान चुराने या फर्जी KYC/आधार लिंक्ड स्कैम के लिए ये फोटो इस्तेमाल हो सकती हैं।
साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। पुरानी यादें अच्छी हैं, लेकिन डिजिटल सुरक्षा उससे कहीं ज्यादा जरूरी है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।‘Nostalgia Scam’ क्या है?नॉस्टेल्जिया स्कैम एक नया साइबर ठगी का तरीका है, जिसमें ठग लोग 80 के दशक (1980s) की यादों या रेट्रो ट्रेंड का फायदा उठाते हैं। यह पुरानी यादों के नाम पर किया जाने वाला साइबर फ्रॉड है।
Updated on:
17 Sept 2026 11:18 am
Published on:
17 Sept 2026 11:01 am
