
AI-generated-image-of- Chinese scam network.
भाई, ये AI का जमाना है। इसमें बहुत होशियार रहना पड़ेगा, वरना दिल भी ठग जाएगा और जेब भी। सोचो, डेटिंग ऐप पर कोई प्यारी सी लड़की रोज बात करती है, पसंद पूछती है, धीरे-धीरे दिल की बातें करने लगती है… और तुम सोचते हो कि सामने असली इंसान है। लेकिन असल में वो ClaudeAI का चैटबॉट है।
AI कंपनी एंथ्रोपिक की ताजा रिपोर्ट ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। चीन के ऐप स्टूडियो ने 20 से ज्यादा डेटिंग ऐप्स बनाकर 4700 नकली AI प्रोफाइल चलाए। सिर्फ दो हफ्तों में 25 हजार लोग इनसे बात कर बैठे और 23.6 लाख से ज्यादा मैसेज आए। लोग सोच रहे थे कि सामने कोई असली लड़की है, लेकिन असल में Claude अलग-अलग किरदार बनकर चैट कर रहा था। ये कोई कहानी या मजाक नहीं, एंथ्रोपिक की रिपोर्ट में आई हकीकत है। अब समझ लो, AI के जमाने में प्यार भी फेक हो सकता है।
ऐप स्टूडियो ने Claude से ही ऐप्स बनाने में मदद ली और फिर उसे नकली प्रोफाइल्स के पीछे बैठा दिया। यूजर्स को मैच फीड में करीब 75 प्रतिशत AI प्रोफाइल और 25 प्रतिशत असली लोग दिखाए जाते थे। असली gig वर्कर्स सिर्फ वीडियो कॉल या सोशल मीडिया फॉलोबैक के लिए इस्तेमाल होते थे, ताकि शक न हो। Claude को साफ निर्देश था कि वह कभी न बताए कि वह AI है। फोटो या वीडियो कॉल की मांग पर बात घुमा दे। प्रोफाइल फोटो AI इमेज एडिटिंग मॉडल से बनाई जाती थीं। ऐप स्टोर की जांच से बचने के लिए इंटरफेस भी चालाकी से डिजाइन किया गया था।
यूजर जब मैसेज करता या बात आगे बढ़ाता तो फ्री कोटा खत्म हो जाता। फिर ऐप के कॉइन खरीदने पड़ते थे। जितनी देर AI यूजर को फंसाए रखता, उतनी कमाई। कुछ यूजर्स ने गंभीर बीमारी या खराब मानसिक हालत बताई, फिर भी Claude बात जारी रखता रहा। इन्हीं संदिग्ध बातचीत से एंथ्रोपिक को शक हुआ और सर्विलांस बढ़ा। कंपनी ने जुड़े अकाउंट्स बैन कर दिए और अन्य AI कंपनियों के साथ मिलकर नेटवर्क तोड़ा।
रिपोर्ट में डोरा, डोनी, रोमी, लूमा, जोविया, किरा, ग्रेसचैट, हेवन, नालो और लोविया जैसे ऐप नाम दिए गए हैं।
राजस्थान में बिल्कुल ऐसा Claude वाला बड़ा नेटवर्क तो नहीं मिला, लेकिन डेटिंग और मैट्रिमोनियल ऐप्स पर फर्जी प्रोफाइल से ठगी के कई मामले सामने आए हैं। जयपुर साइबर पुलिस ने चेतावनी जारी की है कि ठग आकर्षक तस्वीरों (अब AI से भी बनाई जा रही) वाली फर्जी प्रोफाइल बनाकर भरोसा जीतते हैं, फिर पैसे ऐंठते हैं।
फरवरी 2026 में राजस्थान पुलिस ने बताया कि कई प्लेटफॉर्म पर फर्जी प्रोफाइल से इमोशनल अटैचमेंट बनाकर क्रिप्टो या निवेश के नाम पर ठगी हो रही है। मई 2026 में करौली से पांच आरोपी गिरफ्तार हुए, जिन्होंने डेटिंग ऐप से वीडियो कॉल रिकॉर्ड कर ब्लैकमेल किया। जयपुर में क्लब आधारित डेटिंग स्कैम भी पकड़ा गया। साइबर एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि अनजान प्रोफाइल पर भरोसा न करें, रिवर्स इमेज सर्च करें और पैसे कभी न भेजें।यह मामला साफ दिखाता है कि AI अब सिर्फ मददगार नहीं, ठगी का नया हथियार भी बन गया है। यूजर्स को सतर्क रहना होगा।
Updated on:
15 Sept 2026 12:40 pm
Published on:
15 Sept 2026 12:40 pm
