
जयपुर की बदली सियासी तस्वीर (फोटो पत्रिका)
Jaipur Nagar Nigam Results 2026 : जयपुर। नगर निगम चुनाव परिणामों ने पिछले डेढ़ दशक की सियासी तस्वीर में बड़ा बदलाव दर्ज किया है। 2014 में 91 में से 64 वार्ड जीतकर 70.32 प्रतिशत स्ट्राइक रेट हासिल करने वाली भाजपा इस बार 146 में से 78 वार्डों तक पहुंच सकी। उसकी स्ट्राइक रेट 53.42 प्रतिशत रही। यानी 12 साल में भाजपा की जीत की दर करीब 17 प्रतिशत अंक नीचे आ गई। इसके उलट कांग्रेस ने 2014 के 18 वार्ड से इस बार 53 वार्ड तक पहुंचकर स्ट्राइक रेट 19.78 से बढ़ाकर 36.30 प्रतिशत कर ली। कांग्रेस का प्रदर्शन सुधरा जरूर, लेकिन बहुमत से पिछड़ गई।
2014 में भाजपा ने 91 में से 64 वार्ड जीतकर पार्टी ने अकेले दो-तिहाई से ज्यादा वार्ड अपने कब्जे में किए थे। 2009 में 59.74 प्रतिशत की स्ट्राइक रेट के मुकाबले 2014 में यह सीधे 70.32 प्रतिशत पहुंची। कांग्रेस के लिए आंकड़े कुछ राहत देने वाले है।
2009 में 33.76 प्रतिशत की स्ट्राइक रेट वाली कांग्रेस 2014 में 19.78 प्रतिशत पर आ गई थी। 2020 के ग्रेटर निगम में उसने 48 वार्ड जीतकर स्ट्राइक रेट 32 प्रतिशत तक पहुंचाई, जबकि हेरिटेज में 47 प्रतिशत के साथ भाजपा से आगे रही। 2026 में कांग्रेस ने 53 वार्ड जीतकर अपनी स्ट्राइक रेट 36.30 प्रतिशत कर ली।
इसके बाद निगम के दो हिस्सों में बंटने के बाद तस्वीर बदली। 2020 के ग्रेटर निगम में भाजपा ने 150 में 89 सीट जीतकर 59.33 प्रतिशत स्ट्राइक रेट हासिल की। वहीं हेरिटेज निगम में उसका प्रदर्शन घटकर 42 प्रतिशत रहा। इस बार एकीकृत निगम में 53.42 प्रतिशत पर आना बताता है कि भाजपा ने बहुमत तो बचा लिया, लेकिन 2014 जैसा एकतरफा जनादेश नहीं मिला।
भाजपा : एंटी-इंकम्बेंसी, टिकट वितरण से पैदा हुई नाराजगी, यूजीसी मामले में सवर्ण वर्ग की नाराजगी, बागियों, निर्दलीयों का असर और स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की कम सक्रियता प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। निगम के दो हिस्सों में बंटने के बाद पार्टी का पुराना वार्डवार संगठनात्मक समीकरण भी बदला। कई क्षेत्रों में स्थानीय चेहरे और व्यक्तिगत समीकरण पार्टी के चुनाव चिह्न पर भारी पड़े।
कांग्रेस: कांग्रेस की वापसी में अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में मजबूत पकड़, भाजपा के बागियों से हुए नुकसान और कई वार्डों में स्थानीय प्रत्याशियों की व्यक्तिगत पकड़ ने भूमिका निभाई। लेकिन पार्टी की सबसे बड़ी कमजोरी यही रही कि वह इस सुधार को व्यापक शहरव्यापी लहर में नहीं बदल सकी। कांग्रेस की बढ़त के बावजूद बहुमत नहीं बना पाई। पार्टी कुछ क्षेत्रों में मजबूत रही, लेकिन विस्तृत भौगोलिक विस्तार, वार्ड स्तर पर मजबूत संगठन, प्रभावी स्थानीय नेतृत्व और निर्दलीयों, बागियों को अपने पक्ष में रोकने की क्षमता का अभाव उसे बहुमत से दूर ले गया।
| विवरण | वर्ष 2009 | वर्ष 2014 | 2020: ग्रेटर | 2020: हैरिटेज | वर्ष 2026 |
|---|---|---|---|---|---|
| कुल वार्ड | 77 | 91 | 150 | 100 | 146 |
| भाजपा | 46 | 64 | 89 | 42 | 78 |
| भाजपा स्ट्राइक रेट (%) | 59.74 | 70.32 | 59.33 | 42.00 | 53.42 |
| कांग्रेस | 26 | 18 | 48 | 47 | 53 |
| कांग्रेस स्ट्राइक रेट (%) | 33.76 | 19.78 | 32.00 | 47.00 | 36.30 |
| अन्य | 5 | 9 | 13 | 11 | 5 |
| अन्य स्ट्राइक रेट (%) | 6.49 | 9.89 | 8.66 | 11.00 | 10.27 |
Updated on:
15 Sept 2026 11:46 am
Published on:
15 Sept 2026 11:46 am
