
जयपुर. भवानी निकेतन मतगणना केंद्र के बाहर जीत का जश्न मनाते प्रत्याशी (Photo-Patrika)
जयपुर. राजधानी जयपुर की शहरी सरकार पर भाजपा ने सातवीं बार जीत का परचम लहराया है। सोमवार को घोषित 146 वार्डों के परिणामों में भाजपा ने 78 वार्ड जीतकर सातवीं बार स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया। कांग्रेस 53 वार्डों में जीत दर्ज कर सकी और छठी बार बहुमत से पिछड़ गई। 2020 में दो में से एक निगम में कांग्रेस को बहुमत मिला था। इस बार 15 वार्डों में निर्दलीयों ने बाजी मारी। 150 वार्डों में से चार वार्डों का परिणाम ईवीएम बूथों पर तकनीकी खामी के कारण अभी रोक दिया गया है। इन चार वार्डों की पांच बूथों पर बुधवार को पुनर्मतदान होना है। पुनर्मतदान के बाद निगम के सभी 150 वार्डों की अंतिम तस्वीर साफ होगी। इस बीच जयपुर जिले की दो नगरपरिषद और 16 नगरपालिकाओं के कुल 540 वार्डों के नतीजों में भाजपा 233 सीटों के साथ सबसे आगे रही, कांग्रेस ने 203 सीटों पर जीत दर्ज की। खास बात यह रही कि 102 वार्डों में निर्दलीयों ने बाजी मारी।
जयपुर नगर निगम के चुनावी इतिहास में भाजपा के लिए यह परिणाम खास है। वर्ष 1994 में पहली बार नगर निगम के चुनाव हुए थे। उस समय भाजपा का बोर्ड बना था। इसके बाद से जयपुर की शहरी सरकार में भाजपा का प्रभाव लगातार देखने को मिला है। इस बार के चुनाव परिणामों ने इस सिलसिले को सातवीं बार आगे बढ़ाया है। हालाकि बीच के वर्षों में चुनावी व्यवस्था और महापौर के चुनाव की प्रक्रिया में बदलाव के कारण तस्वीर अलग भी रही। वर्ष 2009 में नगर निगम में बोर्ड भाजपा का बना था, लेकिन उस समय महापौर का चुनाव सीधे जनता ने किया था। 2020 में दो निगम होने के बाद एक कांग्रेस और एक भाजपा के खाते में गया था।
मतगणना के दौरान वार्ड 47, 72 और 148 के पांच बूथों की ईवीएम खराब हो गई थी। इन मशीनों में पहले और दूसरे स्थान पर रहे प्रत्याशियों के मतों का अंतर मशीन में दर्ज कुल मतों से अधिक था। ऐसे में निर्वाचन अधिकारी ने राज्य निर्वाचन आयोग से मार्गदर्शन मांगा। आयोग की अनुमति के बाद इन तीनों वार्डों के परिणाम घोषित किए गए। वार्ड 47 में भाजपा प्रत्याशी, वार्ड 72 में कांग्रेस प्रत्याशी और वार्ड 148 में निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की।
जयपुर. जिले के दो नगरपरिषद और 16 नगरपालिकाओं के चुनाव नतीजों ने इस बार सियासत का दिलचस्प गणित सामने रखा है। कुल 540 वार्डों के परिणाम में भाजपा 233 सीटों के साथ सबसे आगे रही, कांग्रेस ने 204 सीटों पर जीत दर्ज की। खास बात यह रही कि 102 वार्डों में निर्दलीयों ने बाजी मारी। कई जगह तीसरा कोण भी मजबूती से उभरा।
भाजपाः भाजपा ने चौमूं नगरपरिषद के साथ बगरू, बस्सी, चाकसू, जमवारामगढ़, कालाडेरा, किशनगढ़ रेनवाल, फुलेरा व सांभर नगरपालिकाओं में बढ़त बनाई। चौमूं में 30 और जमवारामगढ़ में 18 सीटों के साथ भाजपा का प्रदर्शन खासा प्रभावी रहा।
कांग्रेसः कांग्रेस ने शाहपुरा नगरपरिषद के अलावा दूदू, कानोता, खेजरोली, मनोहरपुर, नारायणा और फागी में बढ़त बनाकर भाजपा के सामने अपनी जमीन बचाए रखी। शाहपुरा में 23, खेजरोली में 17 और नरैना में 13 सीट कांग्रेस जीती।
निर्दलीयः जोबनेर में निर्दलीयों ने और वाटिका में नौ सीटें जीतकर दोनों दलों से ज्यादा सीटें हासिल कीं।
| पार्टी / दल | जीती गई सीटें |
| भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) | 78 |
| कांग्रेस | 53 |
| अन्य / निर्दलीय | 15 |
| कुल घोषित सीटें | 146 |
विवरण: ईवीएम की तकनीकी खराबी के कारण 4 वार्डों के परिणाम रोके गए हैं। इन वार्डों के पांच बूथों पर 16 को पुनर्मतदान के बाद 17 को नतीजे घोषित किए जाएंगे।
वार्ड 9: बूथ संख्या 111
वार्ड 18: बूथ संख्या 235
वार्ड 25: बूथ संख्या 343
वार्ड 34: बूथ संख्या 477, 484
Updated on:
15 Sept 2026 09:07 am
Published on:
15 Sept 2026 09:02 am
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