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CM भजनलाल, वसुंधरा से लेकर गहलोत-पायलट तक… कहीं गढ़ बचा तो कहीं जमीन खिसकी; वोटर्स ने खोला दिग्गजों की सियासी पकड़ का राज

Rajasthan Political Leaders Report Card: राजस्थान के 309 नगरीय निकायों के नतीजों ने भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की जमीनी पकड़ का भी इम्तिहान ले लिया। कई नेताओं के अपने बूथ और वार्ड में ही पार्टी को हार का सामना करना पड़ा, तो कुछ के प्रभाव क्षेत्र में पार्टी ने मजबूत प्रदर्शन किया।
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जयपुर

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Anil Prajapat

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Updated: 15 Sep 2026, 8:17 AM IST

CM Bhajanlal- Vasundhara Raje- Gehlot-Pilot

सीएम भजनलाल, वसुंधरा राजे, अशोक गहलोत और सचिन पायलट। फोटो: पत्रिका

जयपुर। राजस्थान के 309 नगरीय निकायों के नतीजों ने सोमवार को शहरी राजस्थान का राजनीतिक मूड साफ कर दिया। भाजपा ने वार्डों की जीत और स्पष्ट बहुमत वाले निकायों की संख्या में बढ़त बनाई है, लेकिन कांग्रेस भी कई जगह मजबूत स्थिति में रही। कुल मत प्रतिशत में भी भाजपा और कांग्रेस के बीच करीब एक फीसदी का ही अंतर रहा। भाजपा को 35.30 और कांग्रेस को 34.36 फीसदी मत मिले। नतीजों ने भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की जमीनी पकड़ का भी इम्तिहान ले लिया।

कई नेताओं के अपने बूथ और वार्ड में ही पार्टी को हार का सामना करना पड़ा, तो कुछ के प्रभाव क्षेत्र में पार्टी ने मजबूत प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री, प्रदेशाध्यक्ष, मंत्रियों, केंद्रीय मंत्रियों और नेता प्रतिपक्ष तक किसी का गढ़ बचा तो किसी के इलाके में सियासी जमीन खिसकती नजर आई। खास यह रही कि कई जगह व्यक्तिगत प्रभाव और पार्टी के सामूहिक प्रदर्शन के बीच भी बड़ा अंतर दिखाई दिया। ऐसे में निकाय चुनाव के नतीजे दिग्गजों के लिए स्थानीय पकड़ का रिपोर्ट कार्ड भी बन गए हैं।

भाजपा के दिग्ग्जों का रिपोर्ट कार्ड

मुख्यमंत्रीभजनलाल शर्मा: इनके बगरू विधानसभा के वार्ड 64 में भाजपा जीती। खुद के सांगानेर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के प्रदर्शन का स्ट्राइक रेट 71% रहा। गृह जिले भरतपुर में वार्ड 41 में भाजपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है।

उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा: जयपुर के सांगानेर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 50 में भाजपा के प्रत्याशी प्रहलाद चांवला जीते। बैरवा का मतदान क्षेत्र दूदू के ग्रामीण क्षेत्र में है, लेकिन निवास सुमेर नगर में रहते हैं।

मंत्री राज्यवर्धन राठौड़: झोटवाड़ा क्षेत्र वार्ड 28 का खुद का वार्ड हार गए। यहां से कांग्रेस प्रत्याशी विजयी हुए। वार्ड में नतीजा पार्टी के पक्ष में नहीं रहा, जिसने स्थानीय स्तर पर सियासी समीकरणों में अलग संकेत दिया।

मंत्री कन्हैयालाल चौधरी: मालपुरा विधानसभा क्षेत्र के टोडारासिंह नगर पालिका के वार्ड 5 और बूथ संख्या पांच दोनों पर भाजपा प्रत्याशी जीते। चारों निकायों में पार्टी बोर्ड बनाने में सफल रही, स्पष्ट बहुमत मिला।

वन मंत्री संजय शर्मा: अपने बूथ के साथ ही खुद के वार्ड में भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। वार्ड 50 में कांग्रेस की रजनी सैनी की जीत से पार्टी के प्रदर्शन पर सवाल खड़े हुए।

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे: झालावाड नगर परिषद के वार्ड 5 में भाजपा प्रत्याशी ने निर्विरोध जीत दर्ज की। नगर परिषद में कांग्रेस ने 29 सीटें को जीतकर चौंकाया। पिछली बार यहां भाजपा का बोर्ड था।

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी: वार्ड 141 के सिटी पैलेस स्थित बूथ पर मतदान किया था, यहां भाजपा प्रत्याशी विजयी हुए। विद्याधर नगर विधानसभा में भाजपा को 22 में से 12 सीटें मिली, दो के परिणाम बाकी हैं।

मंत्री किरोड़ीलाल मीना: सवाईमोधापुर परिषद में भाजपा का पूर्ण बहुमत आया है। चुनाव के दौरान स्वाइन फ्लू से ग्रसित रहे, इस बीच दो दिन नगर परिषद में चुनाव प्रचार में रहे। उनका खुद का मत पंचायत क्षेत्र में है।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर: वार्ड 52 के बूथ पर भाजपा को बढ़त मिली, लेकिन वार्ड से हार का सामना करना पड़ा। उनके विधानसभा क्षेत्र के छह वार्डों में नतीजों ने स्थानीय पकड़ की अलग तस्वीर दिखाई।


स्पीकर वासुदेव देवनानी: अपने वार्ड 37 के बूथ के साथ ही खुद के वार्ड में भी भाजपा ने जीत दर्ज की। यहां भाजपा प्रत्याशी विजयी रहीं। अजमेर नगर निगम में भाजपा बहुमत हासिल नहीं कर पाई। कांग्रेस ने बढ़त बनाई।

कांग्रेस के दिग्ग्जों का रिपोर्ट कार्ड

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत: गृह वार्ड 88 में भाजपा ने कांग्रेस को झटका दिया। सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र में कुल 26 वार्ड हैं। हालांकि, जोधपुर निगम में भाजपा-कांग्रेस का मुकाबला बराबरी पर टिका हुआ है।


कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह: ये अपना वोट पंचायत में डालेंगे, लेकिन अपने निवास क्षेत्र सीकर में पार्टी का प्रदर्शन मजबूत रहा। सीकर में कांग्रेस की जीत ने पार्टी के प्रभाव को निकाय चुनाव में भी कायम रखा।

विधायक प्रमोद जैन भाया: बारां के वार्ड 34 के निवासी है, जहां कांग्रेस तीसरे नम्बर पर रही। यहां आप प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। भाया का वोट ग्रामीण क्षेत्र में है, लेकिन यहां निवासी करते हुए पार्टी को जीता नहीं पाए।

पूर्व मंत्री बीडी कल्ला: बूथ महेश सदन में कांग्रेस आगे रही और वार्ड में भी कांग्रेस की सरिता व्यास ने जीत दर्ज की। उनके विधानसभा क्षेत्र के 39 वार्डों में से कांग्रेस ने 23 सीटें जीती हैं।

विश्वेन्द्र सिंह: खुद के वार्ड 48 से कांग्रेस प्रत्याशी रामेश्वर सैनी हार गए। जबकि निर्दलीय प्रत्याशी मानवेंद्र सिंह जीते हैं। निर्दलीय की जीत पार्टी से नाराजगी या वोटों के बिखराव, पार्टी में इसकी चिंता शुरू हो गई।

विधायक सचिन पायलट: खुद के वार्ड 97 को जीता नहीं पाए। यहां से भाजपा प्रत्याशी विजयी हुए। हालांकि, टोंक विधायक के रूप में कांग्रेस ने मजबूत प्रदर्शन किया। टोंक परिषद में काग्रेस को बहुमत मिला।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली: अपने ही प्रभाव क्षेत्र में झटका लगा। वार्ड 29 से भाजपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। न तो बूथ जीता पाए और न ही वार्ड को। भाजपा की जीत से स्थानीय स्तर पर सियासी समीकरणों पर चर्चा चल रही है।

विधायक शांति धारीवाल: कोटा में वार्ड 41 में कांग्रेस के मंगल तम्बोली विजयी रहे, लेकिन बूथ जीता नहीं पाए। बूथ पर भाजपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। इनके विधड्डानसभा क्षेत्र में कुल 30 वार्ड हैं।

पूर्व मंत्री जितेंद्र सिंह: खुद के वार्ड 36 में झटका लगा। यहां भाजपा विजयी रहीं। यहीं बूथ भी कांग्रेस के पक्ष में नहीं गया और उनके अपने वार्ड में भाजपा ने जीत दर्ज की, जो स्थानीय प्रभाव कम होने को दर्शाता है।

पूर्व स्पीकर डॉ. सी.पी. जोशी: नाथद्वारा के वार्ड 21 से आते हैं, लेकिन अपने ही वार्ड में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। यहां भाजपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज कर कांग्रेस के मजबूत माने जाने वाले इलाके में सेंध लगा दी।