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रुपयों के लालच में बर्बाद न करें अपना भविष्य, राजस्थान पुलिस ने पकड़े 650 से ज्यादा म्यूल अकाउंट होल्डर्स

Rajasthan Police Alert: अब हर साइबर ठगी की एफआईआर अनिवार्य रूप से दर्ज हो रही है। मुख्य अपराधी तक पहुंचने से पहले ही खाताधारक को गिरफ्तार किया जा रहा है।
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जयपुर

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MOHIT SHARMA

Sep 13, 2026

AI-generated-image-of-Cyber-Fraud

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देशभर सहित राजस्थान में भी साइबर अपराध लगातार बढ़ रहा है। अपराधी रोज नए तरीके इस्तेमाल कर रहे हैं। पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक गंभीर चेतावनी हाल ही जारी की है। कुछ हजार रुपए के लालच में बैंक खाता साइबर अपराधियों को सौंपने वाले युवा अब खुद पुलिस के निशाने पर हैं। राजस्थान पुलिस के आधिकारिक हैंडल से जारी पोस्ट में साफ कहा गया है कि अब हर साइबर ठगी की एफआईआर अनिवार्य रूप से दर्ज हो रही है और मुख्य अपराधी तक पहुंचने से पहले ही खाताधारक को गिरफ्तार किया जा रहा है।

82,400 म्यूल बैंक खातों की पहचान, 723 एफआईआर और 650 गिरफ्तारियां

वर्ष 2026 में राजस्थान पुलिस की साइबर सेल ने राज्य भर में 82,400 से अधिक ऐसे ‘मुल बैंक खातों’ की पहचान की है, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम घुमाने के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 723 से अधिक एफआईआर दर्ज कीं और 650 से ज्यादा खाताधारकों व एजेंटों को गिरफ्तार किया।

जिस खाते में पैसे ट्रांसफर हुए, उसी खाताधारक को गिरफ्तार किया जाएगा

पहले जहां साइबर ठगी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं होती थी, अब हर मामले में एफआईआर दर्ज हो रही है। जांच में जिस खाते में पैसे ट्रांसफर होते हैं, सबसे पहले उसी खाताधारक को गिरफ्तार किया जाता है। परिणामस्वरूप व्यक्ति का नाम पुलिस रिकॉर्ड और कोर्ट के मामलों में दर्ज हो जाता है, जिससे सरकारी नौकरी, पासपोर्ट और करियर हमेशा के लिए प्रभावित हो सकता है।

कुछ हजार के लालच में लाखों रुपए कोर्ट-कचहरी में बर्बाद

राजस्थान पुलिस ने युवाओं को चेतावनी दी है कि कुछ हजार रुपए के लालच में बैंक खाता, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड या यूपीआई क्रेडेंशियल किसी अनजान व्यक्ति को कभी न दें। अगर किसी ने अनजाने में अपना खाता इस्तेमाल करने दिया है, तो तुरंत बैंक जाकर उसे ब्लॉक या बंद करवाएं और पुलिस को सूचित करें। पकड़े जाने के बाद कोर्ट-कचहरी में लाखों रुपए खर्च हो सकते हैं और जिंदगी बर्बाद हो सकती है। पुलिस का साफ संदेश है अपराधियों से पहले खाताधारकों को पकड़ा जा रहा है और पकड़े जाना तय है।

साइबर ठगी की शिकायत के लिए ये नंबर याद रखें

साइबर फ्रॉड होने पर बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930, व्हाट्सएप नंबर 9256001930 या 9257510100 पर शिकायत दर्ज कराएं। राजस्थान पुलिस का मकसद आमजन में विश्वास बढ़ाना और अपराधियों में डर पैदा करना है। मुल अकाउंट के जरिए ठगी की रकम घुमाने वाले युवा अब समझ लें कि थोड़े से पैसे के लालच में पूरा भविष्य दांव पर लग सकता है। पुलिस की सलाह है-अपना खाता सुरक्षित रखें, वरना कानूनी पचड़े में फंसना तय है।