Rajasthan Weather Forecast: राजस्थान में मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है, जहां एक के बाद एक सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कई जिलों में ओलावृष्टि और बारिश हो रही है।
Rajasthan Weather Update: एक के बाद एक सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मंगलवार को जयपुर, सीकर, चूरू, अलवर, खैरथल-तिजारा, कोटा, टोंक, दौसा, बारां, सवाईमाधोपुर, भीलवाड़ा, झालावाड़ में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई।
इसके अलावा कई जिलों में बारिश का दौर भी चला। ओलावृष्टि से जहां शहरी इलाकों में दिन के तापमान में गिरावट हो गई वहीं ग्रामीण इलाकों में खड़ी गेहूं, जौ, चना और सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है। जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
जयपुर मौसम केन्द्र के अनुसार 29 और 30 जनवरी को घने कोहरे और धुंध की संभावना है वहीं बारिश-ओलावृष्टि के बाद तापमान में कमी आने से सर्दी बढ़ने की भी संभावना है।
बीते एक दिन में अलवर में 1.4, जयपुर में 1.8, कोटा में 2, करौली में 4 और दौसा में 2 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं बारिश और ओलावृष्टि से दिन के तापमान में 5 से 6 डिग्री तक गिरावट दर्ज हुई।
इधर मौसम केन्द्र ने एक और नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 31 जनवरी व 1 फरवरी को पुनः राज्य के उत्तरी व पूर्वी भागों में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई है।
बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से भरतपुर के डीग और सीकर के श्रीमाधोपुर में 1-1 महिला की मौत हो गई। डीग जिले में सीकरी क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से 25 वर्षीय विवाहिता की दर्दनाक मौत हो गई। जबकि मृतिका की एक बहन घायल हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव नक्चा के वास में खेत पर कार्य करने गईं दो बहनों पर आकाशीय बिजली गिर गई। जिसमें रुकसीना की मौत हो गई जबकि उसकी बहन उजीला घायल हो गई। इसी प्रकार श्रीमाधोपुर (सीकर) में आकाशीय बिजली गिरने से मेड़ा निवासी सोहनी देवी की मौत हो गई।
परिजन गंभीर स्थिति में महिला को लेकर अस्पताल पहुंचे जहां से उसे गंभीर हालत में सीकर रेफर किया लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
राजस्थान कृषि अनुसंधान केन्द्र के निदेशक डॉ. हरफूल सिंह का कहना है कि जहां ओलावृष्टि हुई है, वहां गेहूं, जौ, चना व सरसों सहित सभी फसलों को नुकसान हुआ है। गेहूं और जौ में इन दिनों बालियां, निकल रही हैं, चने की फसल में फूल आ रहे हैं।
उन्हें ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है। सरसों की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। जहां ओलावृष्टि नहीं हुई है, वहां बारिश से फसलों की वृद्धि होगी और उत्पादन भी बढ़ेगा। हालांकि सब्जियों में रोग लगने की संभावना बढ़ गई है। प्याज की फसल को भी नुकसान हुआ है।