
जेडीए ने सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया. Photo- Patrika
JDA News: जेडीए की सतर्कता शाखा ने सहकार मार्ग स्थित इमली वाला फाटक के पास सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया। इस जमीन की बाजार में कीमत करीब 60 करोड़ रुपए है। पुलिस उप महानिरीक्षक आनंद शर्मा ने बताया कि 3500 वर्ग गज पार्क की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर रखा था। यहां बांस-तंबू, झुग्गी-झोपड़ी और तिरपाल लगाकर अवैध कब्जा जमा रखा था।
उन्होंने बताया कि जोन कार्यालय से रिपोर्ट आने के बाद यह कार्रवाई की गई। इसके अलावा सीकर रोड पर भी जेडीए का पीला पंजा चला। यहां टांटिया बास, टोल टैक्स के पास राजारामपुरा में 1000 वर्ग गज सरकारी भूमि को भी अतिक्रमण से मुक्त कराया गया।
नगर निगम की सतर्कता शाखा ने अस्थायी अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की। सतर्कता शाखा उपायुक्त अजय शर्मा ने बताया कि झोटवाड़ा पुलिया से कालवाड़ रोड, 200 फीट बाईपास चौराहे से पावर हाउस तक, खातीपुरा तिराहे से झोटवाड़ा पुलिया तक और बालाजी विहार-द्वितीय, कालवाड रोड से अस्थाई अतिक्रमण हटाए गए। उन्होंने बताया कि इस दौरान व्यापारियों से समझाइश भी की गई।
जेडीए में अधिकारियों के साथ क्रेडाई और टोडार के प्रतिनिधियों सहित निर्माण क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों की बैठक हुई। बैठक में आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने सभी से मानकों के अनुरूप निर्माण करने और आवासीय योजनाओं में पर्याप्त पार्किंग स्पेस रखने पर जोर दिया।
आयुक्त ने कहा कि शहर के सतत विकास के लिए सभी स्टेक होल्डर्स के साथ निरंतर संवाद आवश्यक है, ताकि जमीनी स्तर की चुनौतियों को समझकर उनका समयबद्ध समाधान किया जा सके।
संवाद कार्यक्रम के तहत हुई बैठक में सभी ने शहर के सुनियोजित विकास को लेकर चर्चा की। बैठक में सचिव निशांत जैन, अतिरिक्त आयुक्त प्रिया बलराम और प्रतिभा पारीक, टाउन प्लानिंग के निदेशक मृणाल जोशी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
इधर नगरीय विकास कर (यूडी टैक्स) की वसूली को लेकर नगर निगम अब सख्ती दिखा रहा है। मंगलवार को निगम के सिविल लाइन्स जोन में बड़ी कार्रवाई करते हुए 21 संपत्तियों को कुर्क किया गया।
निगम की इस सख्त कार्रवाई के बाद 12 बकाएदारों ने मौके पर ही 32.68 लाख रुपए की राशि जमा करवा दी। राशि जमा होने के बाद निगम ने इन संपत्तियों को कुर्की से मुक्त कर दिया।
जोन उपायुक्त देवानंद ने बताया कि इन सभी संपत्तिधारकों को पूर्व में नोटिस जारी कर बकाया टैक्स जमा कराने के निर्देश दिए गए थे। बार-बार चेतावनी के बावजूद तय समय सीमा में राशि जमा नहीं कराई गई, जिसके चलते यह कदम उठाना पड़ा।
Updated on:
26 Mar 2026 01:10 pm
Published on:
26 Mar 2026 01:08 pm
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