
Delhi BJP Protest : जयपुर। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच भिड़ंत हो गई। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। वहीं पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज को लेकर नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। हनुमान बेनीवाल ने इस कार्रवाई को बेहद निंदनीय और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए सरकार की नीयत और नारों पर सवाल खड़े किए हैं।
सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि एक तरफ सरकार महिला आरक्षण, महिला सम्मान और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे बड़े-बड़े नारे देती है, वहीं दूसरी तरफ जब देश की बेटियां और युवा अपनी वाजिब मांगों को लेकर सड़कों पर आते हैं, तो उन पर डंडे बरसाए जाते हैं। इस कार्रवाई से सरकार का दोहरा चरित्र पूरे देश के सामने उजागर हो गया है।
हनुमान बेनीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि लोकतंत्र में असहमति कोई अपराध नहीं है। युवाओं के भविष्य से जुड़े संवेदनशील सवालों का जवाब पुलिस बल और लाठीचार्ज से नहीं, बल्कि संवाद, पारदर्शिता और संवेदनशीलता से दिया जाना चाहिए। सत्ता के अहंकार में जनता की आवाज दबाने की हर कोशिश लोकतंत्र को कमजोर करती है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने युवाओं पर हुए लाठीचार्ज को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला है। डोटासरा ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पेपर लीक कराने वाले 'सत्ता' में सुरक्षित हैं और सवाल पूछने वाले युवा 'सड़कों' पर लाठियां खा रहे हैं। बीजेपी का यही नया लोकतंत्र है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं और छात्रों पर लाठीचार्ज कराना मोदी सरकार की दमनकारी सोच और कायरता का स्पष्ट सबूत है।
डोटासरा ने कहा कि देश का युवा लगातार पेपर लीक और धांधलियों के खिलाफ आवाज उठा रहा है, लेकिन सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस पूरे मामले पर मौन साधे बैठे हैं। सरकार भूल रही है कि लाठियां बरसा कर युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
उधर, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा के सामने अपनी मांगें रखीं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि वह प्रदर्शनकारियों की मांगों पर पार्टी नेतृत्व के साथ आंतरिक रूप से चर्चा करेंगे। दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि दो घंटे से ज्यादा इंतजार करने के बाद आशुतोष रांका और मैंने जे.पी. नड्डा जी से उनके आवास पर 10 मिनट तक मुलाकात की। हमने उन्हें अपनी मांगों से जुड़ा एक लिखित पत्र सौंपा। उन्होंने हमें भरोसा दिलाया है कि वह इस मामले पर आंतरिक रूप से चर्चा करेंगे। हम आगे की प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।