अपराध से दूर रहने वाले प्रदेश में अब दूसरे राज्यों की गैंग आकर वारदात कर जाती है और जयपुर कमिश्नरेट की पुलिस उनको पकड़ना तो दूर उनकी जानकारी तक नहीं जुटा पाती।
जयपुर।
अपराध से दूर रहने वाले प्रदेश में अब दूसरे राज्यों की गैंग आकर वारदात कर जाती है और जयपुर कमिश्नरेट की पुलिस उनको पकड़ना तो दूर उनकी जानकारी तक नहीं जुटा पाती। खास तौर पर राजधानी में हरियाणा गिरोह का बोलबाला रहता है। कई दफा आकर गिरोह के सदस्य दिनदहाड़े वारदातों को अंजाम दे जाते है।
एक बार फिर हरियाणा के बदमाशों के रविवार को शहर में घुसने की सूचना पर पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में ए श्रेणी की नाकेबंदी लगाने के लिए थानों को कहा गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस को बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा। उधर दो घंटे से अधिक समय तक वाहनों की जांच करने के बाद कोई सफलता नहीं मिलती देख नाकेबंदी हटा ली।
वहीं मामले में पुलिस का कहना है कि नाकेबंदी देख बदमाश डर गए और शहर में घुसने से पहले ही लौट गए। डीसीपी क्राइम विकास पाठक ने बताया कि क्राइम ब्रांच को हरियाणा पुलिस ने दोपहर में एक कार में चार हथियारबंद बदमाशों के जयपुर की ओर जाने की सूचना दी थी। इस पर दोपहर करीब ढ़ाई बजे पूरे शहर में ए श्रेणी की नाकाबंदी करवाई गई।
कार में सवार ईनामी बदमाशों के पास अत्याधुनिक स्वचालित हथियार भी बताए गए। कार में हथियारबंद बदमाशों के होने की सूचना पर सशस्त्र पुलिसकर्मियों के अलग-अलग दलों ने शहर के प्रत्येक प्रमुख मार्ग और चौराहों पर बेरिकेड्स लगा कर नाकाबंदी कर ली। इस दौरान पुलिसकर्मी प्रत्येक कार की मुस्तैदी से जांच करते नजर आए। सड़क से गुजरने वाली हर गाड़ी को बारिकी से जांच की गई।
दोपहर करीब ढाई बजे से शाम साढ़े चार बजे सघन नाकाबंदी का दौर चला। डीसीपी पाठक ने दावा किया कि सशस्त्र नकाबंदी देखकर बदमाश सीकर रोड से होते हुए वापस हरियाणा की तरफ भाग गए। बदमाशों के वापस लौट जाने की सूचना मिलने पर नाकाबंदी हटा ली गई।