जयपुर

जयपुर में VIP रोड पर नशे का ‘हैवी ट्रैफिक’, स्टिंग ऑपरेशन में काले सच का खुलासा

जयपुर के हाई प्रोफाइल इलाकों में नशे का कारोबार इस कदर बेखौफ और संगठित तरीके से चल रहा है कि कानून-व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पत्रिका की पड़ताल में सामने आया कि सौदागर न सिर्फ बेखौफ हैं, बल्कि स्थानीय मददगारों और परिवहन से जुड़े तत्वों के सहारे अपना नेटवर्क चला रहे हैं।
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Updated: 14 Dec 2025, 11:01 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर, मेटा एआइ

Patrika Nasha Mukti Sangram campaign: राजधानी जयपुर के हाई प्रोफाइल इलाकों में नशे का कारोबार इस कदर बेखौफ और संगठित तरीके से चल रहा है कि कानून-व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पत्रिका की पड़ताल में सामने आया कि सौदागर न सिर्फ बेखौफ हैं, बल्कि स्थानीय मददगारों और परिवहन से जुड़े तत्वों के सहारे अपना नेटवर्क चला रहे हैं। वीआइपी रोड जेएलएन मार्ग पर मालवीय नगर के कई मॉल से लेकर कॉलेजों, ट्रांसपोर्ट नगर और रिहायशी इलाकों तक गांजा, पुड़िया और स्मैक की सप्लाई खुलेआम हो रही है।

बहू कर रही ऑपरेट कॉलेज के पास 'हाउस ऑफ ड्रग्स'

राजापार्क में महिला कॉलेज से महज 40 मीटर दूर एक घर के भीतर नशे का कारोबार चलता मिला। घर की बहू पूरा लेनदेन संभाल रही थी। नए चेहरे देख सतर्कता दिखी, जबकि परिचितों को बिना झिझक नशा दिया गया। शक होने पर रिपोर्टिंग टीम पर नजर रखी गई और पीछा भी किया गया।

जंगलनुमा इलाकों में खतरनाक सौदे

गलता गेट, रघुनाथ कॉलोनी के पीछे जंगल जैसी जगहों पर 30-40 लोगों के बीच स्मैक की खुलेआम बिक्री मिली। मोबाइल देखकर घेराव, धमकियां और पहचान उजागर होने का खतरा यह सब बताता है कि नशे का कारोबार अब हिंसक और निर्भीक हो चुका है।

महिलाओं को आगे करके बेचा जा रहा है नशा

मादक पदार्थ तस्करों की सोच यह है तस्करी में महिलाओं की आमतौर पर संलिप्तता लगातार सामने आ रही कम शक किया जाता है पुलिस के विशेष अभियानों में उनसे पूछताछ भी सीमित दायरे में गांजा, स्मैक और अफीम की हो पाती है।

जांच में सामने आया है कि नशा तस्कर जानबूझकर महिलाओं को आगे कर रहे है, ताकि पुलिस की निगरानी और सख्ती से आसानी से बचा जा सके। तस्कर महिलाओं को सप्लाई और बिक्री के काम में लगा रहे है। कई मामलों में यह भी सामने आया है कि महिलाएं खुद नशे की आदी है और आर्थिक मजबूरी या आसान पैसे के लालच में इस धंधे से जुड़ रही है।

मॉल के पास नशे की मंडी

मालवीय नगर में प्रधान मार्ग और उसके आस-पास नशे की सहज उपलब्धता चौंकाती है। जीटी पुल के नीचे की थड़ियों से लेकर जीटी मार्केट तक गोगो पेपर और नशीले सामान की बिक्री आम बात है। हैरानी तब हुई जब एक सुरक्षा गार्ड ने पुड़िया और स्मैक के बारे में पूछने पर बेझिझक ठिकाना बता दिया। "पीछे वाली गली में चले जाना, एक महिला सब उपलब्ध करा देगी" यह बयान बताता है कि अवैध कारोबार की जानकारी अब 'राज' नहीं रही।

बताए गए पते पर पहुंचने पर एक गुमटी में बैठा वृद्ध पहले टालता रहा, फिर भरोसा बनते ही खाली प्लॉट की ओर जाकर पुड़िया लाकर दे दी। नकद के लिए उसकी जिद और ऑनलाइन भुगतान पर हिचक यह दिखाती है कि सौदेबाजी कितनी योजनाबद्ध है।

ई-रिक्शा चालक दलाल

ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रैफिक बूथ के पास ई-रिक्शा चालक 'दलाली' करते मिले। 200 रुपए लेकर ठिकाने तक पहुंचाने की पेशकश, प्राइवेट बस स्टैंड के पास सड़क किनारे ऑटो में बैठकर पुड़िया की डिलीवरी। यह सब दिनदहाड़े हुआ। स्मैक के लिए अलग ठिकाने बताए गए, पहले पैसे मांगे गए और टोकन' की शर्त रखी गई।

Updated on:
14 Dec 2025, 11:01 AM IST
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